फरीदाबाद। गांव खोरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई से पूर्व नगर निगम कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। इसके लिए निगम ने गांव का ड्रोन से सर्वे करवाया है। ड्रोन के माध्यम से काफी नजदीक से मकानों व धार्मिक स्थलों की फोटो ली गई है। इसके अलावा गांव में कहां-कहां से आने जाने के रास्ते हैं, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद जल्द तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
सूरजकुंड स्थित अरावली की पहाड़ियों में स्थित गांव लकड़पुर की राजस्व संपदा पर करीब 30 साल पहले खोरी गांव में लोगों की बसावट शुरू हुई। दिल्ली व फरीदाबाद बॉर्डर पर बसे वन क्षेत्र में लोगों ने बिल्डरों के झांसे में आकर अपना आशियाना बनाया। इस वक्त करीब 10 हजार मकान खोरी में बने हुए हैं। इनमें करीब 50 हजार लोग निवास करते हैं।
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिए कि वन क्षेत्र को खाली करवाया जाए। छह सप्ताह में इसकी रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए। इससे अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इससे पहले भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर यहां दो बार तोड़फोड़ हो चुकी है लेकिन निगम अधिकारी खानापूर्ति करके चले जाते थे।
समन्वय समिति गठित
गांव खोरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई को बेहतर ढंग से अंजाम देने के लिए जिला उपायुक्त यशपाल की तरफ से समन्वय टीम का गठन किया गया है। इस समिति में नगर निगम, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। समिति गांव का सर्वे करेगी और इसकी रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपेगी। इस आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
रिकॉर्ड खोने व जलने की समस्या खत्म हो जाएगी
नगर निगम ने भ्रष्टाचार इस कदर बरकरार है कि कोई भी बड़ी घटना या घोटाला होने पर जरूरी रिकॉर्ड में आग लग जाती है या गायब हो जाता है। जिससे कार्रवाई को प्रभावित किया जा सके। इससे सबक लेते हुए नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने गांव खोरी का पूरा रिकॉर्ड कंप्यूटराइज करा दिया है। इससे गांव का रिकॉर्ड खोने व जलने की समस्या खत्म हो जाएगी।
गांव में तोड़फोड़ से पहले नगर निगम की ओर से सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। ड्रोन से सर्वे पूरा हो गया है। गांव में कितने मकान हैं, धार्मिक स्थलों की संख्या कितनी है। इन सभी की जांच की जा रही है। इसके साथ रिकॉर्ड को डिजिटल फॉर्म में संरक्षित कर लिया है।
- डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त