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Faridabad News: ड्रोन सर्वे और जीआईएस मैपिंग की मदद से दूर होगी प्रॉपर्टी आईडी की समस्या

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फरीदाबाद में करीब 7.25 लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं, गलत टैक्स और रिकॉर्ड से परेशान लोगों को मिल सकती है राहत
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में कई वर्षों से लोगों के लिए सिरदर्द बनी प्रॉपर्टी आईडी की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम अब हाईटेक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। शहर की 7.25 लाख से अधिक संपत्तियों का रिकॉर्ड दोबारा डिजिटल तरीके से तैयार करने की योजना बनाई जा रही है, जिसके तहत ड्रोन सर्वे और जीआईएस मैपिंग का इस्तेमाल होगा।
इसका सबसे बड़ा उद्देश्य गलत प्रॉपर्टी आईडी, गलत टैक्स निर्धारण और क्षेत्रफल विवादों को खत्म करना है। जानकारी के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में ऐसी प्रॉपर्टी आईडी हैं, जिनमें नाम, मोबाइल नंबर, क्षेत्रफल और श्रेणी से जुड़ी त्रुटियां हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें रिहायशी मकानों को व्यावसायिक श्रेणी में डालने, गलत एरिया दर्ज होने और एक ही संपत्ति की दो-दो आईडी बनने को लेकर सामने आई हैं। फरीदाबाद नगर निगम के सभी जोन बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद और मुख्यालय कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। कई मामलों में लोगों को महीनों कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में वर्तमान में लगभग 7 से 7.25 लाख प्रॉपर्टी आईडी रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इनमें बड़ी संख्या में इस तरह की आईडी हैं, जिनमें किसी न किसी प्रकार की तकनीकी या रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ी है। निगम के ऑनलाइन पोर्टल और समाधान शिविरों में हजारों शिकायतें इस तरह की मिली हैं। गलत टैक्स निर्धारण के कारण निगम का राजस्व भी अटका हुआ है। इन्हीं सब समस्याओं के चलते कई प्रॉपर्टी आईडी का सेल्फ सर्टिफिकेशन नहीं हो पाया है। नई योजना के तहत ड्रोन कैमरों से शहर की कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों और व्यावसायिक परिसरों की हाई-रिजॉल्यूशन मैपिंग की जाएगी। इससे हर संपत्ति की वास्तविक स्थिति, निर्माण का प्रकार और सीमा का सटीक रिकॉर्ड तैयार होगा।

जमीनी स्तर पर तीन बड़े फायदे होंगे

यह सर्वे ठीक से पूरा होने के बाद संपत्तियों का सही क्षेत्रफल रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इससे निगम की इनकम बढ़ने के साथ लोगों को आने वाली समस्या का समाधान आसानी से हो सकेगा। वहीं सर्वे के बाद रिहायशी और कमर्शियल श्रेणी की गलतियां कम होंगी। इसके साथ टैक्स निर्धारण अधिक पारदर्शी बनेगा व नया डेटा सीधे डिजिटल सर्वर से लिंक होने की वजह से रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गुंजाइश भी कम होगी।


राजस्व बढ़ाने की भी तैयारी

नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि सही प्रॉपर्टी डेटा तैयार होने के बाद टैक्स वसूली में भी बड़ा सुधार आएगा। वर्तमान में गलत रिकॉर्ड और कानूनी विवादों के कारण करोड़ों रुपये का हाउस टैक्स अटका हुआ है। फरीदाबाद नगर निगम हरियाणा के सबसे बड़े शहरी निकायों में शामिल है और शहर में तेजी से बढ़ रही आबादी, नई हाउसिंग सोसाइटियों और औद्योगिक विस्तार के कारण संपत्तियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सर्वे के आधार पर बदलाव होने के बाद लोगों को बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उनकी डिटेल रिकॉर्ड में होने के कारण आसानी से लोगों के काम हो जाएंगी वहीं ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करवाने में आने वाली समस्या भी दूर हो जाएगी। लोगों के पास गलत टैक्स बिल नहीं पहुचेंगे। वहीं संपत्ति खरीद-बिक्री में रिकॉर्ड विवादों में भी भारी कमी आएगी।


प्रॉपर्टी आईडी सुधरने से रजिस्ट्री और कनेक्शन की राह होगी आसान

फरीदाबाद में हजारों लोग केवल गलत या लंबित प्रॉपर्टी आईडी के कारण जरूरी सुविधाओं से वंचित हैं। नगर निगम और राजस्व विभाग में कई मामलों में मकान की रजिस्ट्री, नामांतरण, पानी कनेक्शन और सीवर कनेक्शन के लिए वैध प्रॉपर्टी आईडी अनिवार्य होती है। गलत रिकॉर्ड या आईडी जनरेट न होने के कारण लोगों की फाइलें महीनों तक अटक जाती हैं। कई नई कॉलोनियों और ग्रेटर फरीदाबाद की सोसाइटियों में निवासी इस समस्या से सबसे ज्यादा परेशान हैं। अब ड्रोन सर्वे और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद सही प्रॉपर्टी विवरण ऑनलाइन उपलब्ध होगा, जिससे रजिस्ट्री, बैंक लोन, पानी और सीवर कनेक्शन जैसी प्रक्रियाएं तेज और आसान हो सकेंगी। प्रॉपर्टी आईडी सुधार प्रक्रिया को तीन चरणों में लागू करने की योजना बनाई गई है। इसमें पहला चरण पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा स्थिति का मिलान का होगा तो दूसरा चरण ड्रोन सर्वे और डिजिटल मैपिंग के जरिए सत्यापन का होगा। इसके बाद तीसरा व फाइनल चरण आपत्तियों और शिकायतों का समाधान कर अंतिम रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
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वर्जन

लोगों की प्रॉपर्टी आईडी में नाम, क्षेत्रफल, मालिकाना हक, नक्शे और टैक्स संबंधी त्रुटियों को ठीक करने के लिए अब तकनीकी आधार पर व्यापक सर्वे किया जाएगा। -विपुल गोयल, कैबिनेट मंत्री
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