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इलाज में देरी होती तो युवक गंवा बैठता हाथ

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फरीदाबाद। रवि अग्रवाल (21) का कुछ समय पहले बस से एक्सीडेंट हो गया था। इस दौरान बस का पहिया रवि के सीधे हाथ पर से गुजर गया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक 12 घंटे के बाद सर्जन के पास पहुंचा। इस दौरान डाक्टर ने बताया कि अगर इलाज मेें 6 घंटे से ज्यादा का समय बीत जाता तो हाथ कट सकता था। इसलिए दुर्घटना के बाद मरीजों को 6 घंटे के अंदर अंदर अपना प्राथमिक उपचार करा लेना चाहिए।
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सेक्टर-16 स्थित क्यूआरजी अस्पताल के अर्थोपेडिक प्लास्टिक सर्जन नीरव बंसल ने बताया कि रवि के सीधे हाथ पर खून बहते समय मथुरा के किसी स्थानीय डॉक्टर ने पट्टी बांध कच्चा प्लास्टर कर दिया। इसके बाद मरीज को 12 घंटे बाद डॉ बंसल के पास लाया गया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद छह घंटे गोल्डन समय है। मरीज ने प्राथमिक उपचार ले लिया था। इस कारण मरीज के हाथ को कटने से बचाया जा सका। वहीं, मरीज की हालत ऐसी थी कि दाएं हाथ में कोहनी के ऊपर और नीचे 10-12 सेंटीमीटर की खाल गायब थी। हड्डियों से मांस हट चुका था। खून सप्लाई करने वाली धमनी कट गई थी। गनीमत थी कि धमनी अलग नहीं हुई पर खून की सप्लाई बंद हो चुकी थी। ज्यादा खून नहीं रिसा लेकिन हाथ सफेद पड़ गया।
इस दौरान डॉ. बीजू शिवम पिल्लै, डॉ. युवराज कुमार और डॉ. किरणमयी अटला ने मरीज की संयुक्त सर्जरी की। डॉ नीरव ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद खून का बहाव रोकना और हड्डी को स्थिर करना बेहद जरूरी है। दुर्घटना के बाद शुरू के छह घंटे गोल्डन समय है। इसके बाद दुर्घटना ग्रस्त अंग को काटने की नौबत आती है।
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