फरीदाबाद के एशियन अस्पताल सेक्टर 21 के न्यूरोसर्जन डॉ. कमल वर्मा की टीम ने आठ माह के बच्चे के दिमाग की सर्जरी कर क्रिकेट गेंद से बड़ा ट्यूमर सफलता पूर्वक निकाल दिया। शिशुओं में जन्मजात ट्यूमर एक लाख में एक मामला होता है।
गाजियाबाद निवासी विजय पाल सिंह के घर 17 मार्च को बेटे का जन्म हुआ था। जन्म के समय ही बच्चे का सिर सामान्य से काफी बड़ा था लेकिन लोगों ने समय के साथ आकार सही हो जाने की सोच के चलते चिकित्सकों से परामर्श नहीं लिया।
15 नवंबर को बच्चे को उल्टी दस्त हुए। काफी इलाज के बाद भी बच्चे की तबीयत नहीं सुधरी। एशियन अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. कमल वर्मा ने सीटी स्कैन करवाया तो दिमाग में क्रिकेट बॉल से भी काफी बड़ा ट्यूमर दिखाई दिया।
ट्यूमर की वजह से बच्चे के दिमाग में तरल पदार्थ इकट्ठा हो रहा था, जिससे नाजुक नसें दब रही थीं। डॉ. कमल के मुताबिक आठ माह के बच्चे के शरीर में मात्र 800 मिलीलीटर ही खून होता है। ऐसे में उसे ज्यादा देर बेहोश नहीं रखा जा सकता था।
फिर भी करीब पांच घंटे चली सर्जरी में ट्यूमर को टुकड़े टुकड़े कर बाहर निकाला गया। ऑपरेशन टीम में डॉ. कमल वर्मा के साथ डॉ. मुकेश पांडे, एनेस्थीटिक डॉ. दिवेश अरोड़ा ने प्रमुख योगदान दिया।