नवाचार और विशेषज्ञता से बढ़ा रहे फरीदाबाद की पहचान
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस विशेष
रोबोटिक तकनीक, जटिल सर्जरी और उन्नत उपचार से मेडिकल टूरिज्म को मिल रही रफ्तार, देश-विदेश से पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक शहर के रूप में पहचान रखने वाला फरीदाबाद अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और जटिल उपचार सुविधाओं के दम पर शहर मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। रोबोटिक सर्जरी, न्यूरोमॉड्यूलेशन, ब्रेन स्टिमुलेशन, हाई-रिस्क न्यूरोसर्जरी और मल्टी-स्पेशियलिटी उपचार के कारण अब देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी मरीज इलाज के लिए फरीदाबाद पहुंच रहे हैं। इससे जिले में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल रहा है।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर शहर के कई चिकित्सक अपनी विशेषज्ञता, शोध और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से मरीजों के जीवन में नया विश्वास जगा रहे हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में उनका योगदान फरीदाबाद को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है।
ब्रेन स्टिमुलेशन से न्यूरोलॉजी को दे रहे नई दिशा
यथार्थ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं ग्रुप डायरेक्टर (न्यूरोलॉजी) डॉ. कुनाल बहरानी पिछले 17 वर्षों से न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के उन्नत उपचार पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ब्रेन स्टिमुलेशन और न्यूरोमॉड्यूलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को मरीजों के उपचार में शामिल किया है। पार्किंसन, एपिलेप्सी, स्ट्रोक, माइग्रेन और मूवमेंट डिसऑर्डर्स के मरीजों को व्यक्तिगत उपचार योजना के माध्यम से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की योग्यताओं और शोध अनुभव के साथ वे आधुनिक न्यूरोलॉजी को नई दिशा देने में जुटे हैं।
जोखिम भरी न्यूरोसर्जरी में बना रहे नया विश्वास
जिला नागरिक अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. उपेंद्र भारद्वाज सीमित संसाधनों के बीच कई जटिल और जोखिम भरी न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक कर चुके हैं। गंभीर सड़क हादसों, ब्रेन हेमरेज और सिर की गंभीर चोटों से जूझ रहे मरीजों को समय पर सर्जरी कर नई जिंदगी देने में उनकी अहम भूमिका रही है। सरकारी अस्पताल में उच्च स्तरीय न्यूरोसर्जरी उपलब्ध कराकर उन्होंने जरूरतमंद मरीजों का निजी अस्पतालों पर निर्भरता भी कम की है।
तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाओं को दे रहे प्राथमिकता
एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एनके पांडेय का मानना है कि चिकित्सा केवल इलाज नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के दौर में भी करुणा, ईमानदारी और ''''रोगी सर्वोपरि'''' का सिद्धांत चिकित्सा सेवा की सबसे मजबूत नींव है। उनके नेतृत्व में संस्थान जटिल सर्जरी और आधुनिक उपचार के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।