संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद और पलवल की टीम ने मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में लिंग जांच का भंडाफोड़ किया है। जिसमें टीम को मौके से 13 गर्भवती महिलाएं लिंग जांच करवाती मिलीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम की शिकायत पर मध्यप्रदेश राज्य की पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ विनय गुप्ता को सूचना मिली थी कि मध्यप्रदेश के मुरैना गांव में अवैध रूप से लिंग जांच की जाती है। सूचना को सच मानते हुए उन्होंने एक टीम का गठन किया। जिसमें फरीदाबाद कि स्वास्थ्य विभाग की टीम से डॉक्टर मान सिंह,बिजेंद्र, नर्सिंग ऑफिसर रौनक और पलवल स्वास्थ्य विभाग टीम के अलावा मध्य प्रदेश से गिरिराज गुप्ता को साथ लेकर लिंग जांच का भंडाफोड़ किया। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद से 5 महीने की गर्भवती महिला को जांच के लिए तैयार किया। वैसे तो लिंग जांच का जो सौदा होना था वह पलवल में होना था, लेकिन वह किसी कारणवश पलवल की बजाय कोसीकलां में हुआ। कोसीकलां में आरोपियों से लिंग जांच का सौदा 40 हजार में तय हुआ। उसके बाद आरोपी ग्राहक को मथुरा, आगरा दलपुरा से मुरैना मध्य प्रदेश लेकर गए। उन्होंने बताया कि मुरैना गांव से करीब 18 किलोमीटर दूर लखन सिंगला अपने घर पर ही लिंग जांच करता था। मुरैना से टोल तक बाइक पर सचिन ग्राहक को लेकर गया और टोल से लखन सिंगला के घर तक सौरभ नाम का व्यक्ति अपनी मैजिक गाड़ी में लेकर गया। जहां पर उसने ग्राहक की लिंग जांच की। डॉक्टर मान सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब छापेमारी की तो वहां पर उनको 12 अन्य गर्भवती महिलाएं और मिली जोकि लिंग जांच करवाने के लिए विभिन्न राज्यों व जिलों से आई हुई थी। इस मामले को लेकर उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत दे दी है।
पुलिस को नहीं है पीएनडीटी एक्ट की जानकारी
डॉक्टर मान सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस को पीएनडीटी एक्ट की किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने आज तक इस एक्ट के तहत कोई भी केस दर्ज नहीं किया है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को केस दर्ज करवाने में काफी समय लगा। उन्होंने पहले पुलिस को पीएनडीटी एक्ट के बारे में समझाया और उसके बाद उस नियम के तहत केस दर्ज करने के लिए उनको जानकारी मुहैया कराकर एफ आई आर दर्ज करवाई।
13 में से 3 महिलाओं को बताया बेटा
सूत्रों के अनुसार मौके से लिंग जांच करवाने के लिए पहुंची 13 गर्भवती महिलाओं में से 10 गर्भवती महिलाओं को लड़की व तीन गर्भवती महिलाओं को लड़का बताया।
डॉक्टर मान सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस ने करीब 5 लोगों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिसमें से दो आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है व अन्य तीन की तलाश जारी है। आरोपियों के नाम नरेंद्र, सचिन, सौरव, लखन सिंह व अन्य बताए जा रहे हैं।