महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के डीएवी शताब्दी महाविद्यालय के संस्कृत विभाग और भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) प्रकोष्ठ कि ओर भारतीय धर्मबोध की बहुविषयक दार्शनिक पुनर्संरचना पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से आयोजित यह संगोष्ठी हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन व ऑफलाइन) में आयोजित की गई।
संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य परंपरा, तर्क और नैतिकता के चश्मे से भारतीय धर्मबोध के समकालीन सामाजिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य को समझना था। कार्यक्रम के दौरान कुल 7 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विद्वानों और शोधार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
118 शोध पत्रों का हुआ वाचन
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर ज्ञान का गहरा आदान-प्रदान देखने को मिला। संगोष्ठी में कुल 118 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 94 ऑनलाइन और 24 ऑफलाइन माध्यम से पढ़े गए। शोधकर्ताओं ने धर्म के दार्शनिक, नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयामों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्राचीन भारतीय धर्मबोध आज के आधुनिक समाज की जटिल समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह सक्षम है।
महाविद्यालय की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया और अंत में सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर कॉलेज का स्टाफ और कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।