संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रदेश के करदाताओं के लिए एकमुश्त निपटान योजना (ओटीएस) लागू हो चुकी है। इस पर उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त असीम सिवाच ने शनिवार को कहा कि सरकार का उद्देश्य अदालतों और अपीलीय मंचों पर लंबित मुकदमों की संख्या को कम करना तथा करदाताओं को एक पारदर्शी समाधान देना है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में भी इस योजना को व्यापारिक समुदाय का भारी समर्थन मिला था, जिसके तहत 1.15 लाख से अधिक व्यापारियों ने अपने लंबित मामलों का निपटान कराया था। इसी सफलता को देखते हुए सरकार ने इसे दोबारा लागू करने का निर्णय लिया है। बता दें कि इनमें फरीदाबाद के भी करीब 10 हजार व्यापारी शामिल थे।
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने बताया कि इस योजना के दायरे में सात विभिन्न कर अधिनियमों को शामिल किया गया है, जिसके तहत करदाताओं को उनकी बकाया राशि के हिसाब से बड़ी छूट दी जा रही है। योजना की सबसे खास बात यह है कि यदि किसी करदाता पर किसी संबंधित अधिनियम के अंतर्गत किसी एक वर्ष का कुल बकाया टैक्स एक लाख रुपये तक है, तो उसे योजना का लाभ लेने के लिए अलग से कोई आवेदन भी नहीं करना होगा। ऐसे मामलों में टैक्स, ब्याज और जुर्माने की पूरी राशि को स्वतः ही 100 प्रतिशत माफ कर दिया जाएगा।