फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में इन दिनों एक बार फिर टीके का टोटा है। उधर, कई निजी कंपनियों ने बिना टीकाकरण के कामगारों को काम पर लेने में परहेज कर रही है। उनका कहना है कि काम पर आने से पहले टीकाकरण कराए। ऐसे में टीके की कमी केवल स्वास्थ्य पर नहीं बल्कि नौकरी पर भी आफत बनकर आई है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पुनिया का कहना है कि जिले में टीकाकरण अभियान प्रदेश में टॉप-2 पर है। पहले नंबर पर गुरुग्राम है। ऐसे में टीके की खेप अनुसार वैक्सीनेशन किया जा रहा है।
शुक्रवार को टीकाकरण केंद्रों के बाहर लंबी लाइन लगी रही। कई लोगों का कहना है कि बीते लगातार चार दिनों से वह टीकाकरण केंद्रों के बाहर चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में लोगों को बिना वैक्सीनेशन के ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टीका अभी तक लग नहीं पाया। शुक्रवार को बीके सिविल अस्पताल पहुंची सुशीला देवी ने बताया कि वह जवाहर कॉलोनी निवासी है। तीन दिन पहले पंजीकरण कराया था। टीकाकरण होता लेकिन वैक्सीन खत्म हो गई। वह लगातार तीन दिन से काम की छुट्टी कर आ रही हैं।
कंपनी ने टीकाकरण कराने के बाद काम पर आने को कहा है। ऐसे में उन्हें अगले दिन टीकाकरण के लिए बुलाया गया। अब लगातार तीन दिन से वह लंबी लाइन में लगती हैं लेकिन टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। उनके इलाके में सारन यूपीएचसी, ईएसआई, डबुआ डिस्पेंसरी सहित कुल तीन सरकारी केंद्र हैं। टीके की कमी के कारण बीते तीन दिनों से वहां टीकाकरण नहीं हो रहा। ऐसे में जवाहर कॉलोनी के तीन केंद्रों को छोड़कर वह बीके नागरिक अस्पताल आने को मजबूर हैं। बावजूद इसके उनकी दौड़भाग का कोई लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा।
इसी तरह एनआईटी-5 स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी में टीके की खेप न होने के कारण दिव्यांग सुरेश बिना टीकाकरण ही लौट गया। सुरेश का कहना है की दो दिन लगातार चक्कर काटे फिर भी टीकाकरण नहीं हुआ। खास वर्ग के लिए टीकाकरण की कोई विशेष सुविधा का लाभ भी उन्हें नहीं मिला।
10.90 लाख लोगों को लगी वैक्सीन
कोविन पोर्टल के अनुसार प्रदेश में अभी तक टीके की 1.90 लाख डोज लगाई जा चुकी है। पूरे प्रदेश में गुरुग्राम अव्वल है। वहीं, फरीदाबाद का दूसरा स्थान है। जिले में अब तक 10.90 लाख डोज लगाई जा चुकी हैं।
ये है स्थिति
कुल टीकाकरण चक्र 2,16,612
पहली डोज 8,73,539
60 वर्ष से अधिक 2,36,767
45 से 60 साल 3,28,220
18 से 44 साल 5,25,164
वैक्सीन अनुपात
कोविशील्ड 959046 डोज
कोवैक्सीन 117039 डोज
स्पूतनिक वी 14066 डोज
वर्जन-
दूसरी डोज पर ज्यादा जोर है। रणनीति है कि टीकाकरण का चक्र पूरा कर लिया जाए। वैक्सीन की खेप आते ही टीकाकरण को रफ्तार दी जाएगी। - डॉ. राजेश श्योकंद, नोडल अधिकारी टीकाकरण