पलवल। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किसानों को फसल विविधीकरण और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए नई पहल की जानकारी दी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना आरकेवीवाई के तहत धान की रोपाई से पहले खेतों में हरी खाद ढैंचा या दलहनी फसलों की बिजाई करने वाले किसानों को 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को अनिवार्य रूप से मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक पंजीकरण कराना होगा। इस योजना में ढैंचा के साथ समर मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन और ग्वार जैसी फसलें शामिल हैं। किसान पोर्टल पर अपनी फसल की फोटो भी अपलोड करेंगे। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबूलाल ने बताया कि 16 अप्रैल से 15 मई के बीच विभागीय अधिकारी खेतों का भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। उपायुक्त ने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक खेतों में हरी खाद और दलहनी फसलों की बिजाई करें, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़े और खेती की लागत कम हो।