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Faridabad News: मुख्यमंत्री उड़न दस्ता टीम ने धान घोटाले में शामिल अधिकारियों को दिया नोटिस

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- खरीद एजेंसियों व मंडी अधिकारी आए जांच एजेंसी के दायरे में
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- कम रेट के अलावा तुलाई के दौरान गड़बड़ी का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी


होडल। अनाज मंडी में धान की खरीद में हुए घोटाले की जांच में मुख्यमंत्री उड़न दस्ता टीम ने खरीद एजेंसियों व मंडी अधिकारियों को जांच में शामिल होने को लेकर नोटिस दिया हैं। टीम के डीएसपी ने जांच के दौरान पाया की आढ़ेती व मंडी अधिकारियों ने धान को लेकर आए किसानों के साथ कम रेट के अलावा तुलाई के दौरान जमकर लूटपाट की जिसकी रिपोर्ट उन्होंने सरकार को भेज दी।
वहीं, मंडी के रिकॉर्ड के अनुसार गत वर्ष 2024 में 84 हजार 515 क्विंटल धान की फसल सरकारी मूल्य पर खरीदी गई जबकि इस सीजन भारी बारिश से फसलों में हुए नुकसान के बाद भी दोगुनी से अधिक एक लाख 82 हजार 396 क्विंटल धान की फसल की फर्जी खरीद हो चुकी हैं। गौरतलब है कि उपमंडल होडल सहित विभिन्न अनाज मंडियों में हुई धान की सरकारी खरीद में आढ़ेती , मिलर्स व मंडी अधिकारियों सहित खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के साथ सरकारी खरीद में हुई धोखाधड़ी में मुख्यमंत्री उड़न दस्ता की टीम ने कई खुलासे किए हैं।
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टीम के डीएसपी साकिर हुसैन ने बताया कि 24 अक्टूबर को उन्होंने हसनपुर व होडल की अनाज मंडी में जांच की तो पाया किसानों आढ़ेती कम मिलर्स ने किसानों की सूखी धान की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य से लगभग दो सौ से छः सौ रुपये कम मूल्य में खरीद कर किसानों के गेटपास पर सरकारी मूल्य में फायदे से बिक्री कर दिया। इस दौरान टीम को धान घोटाले में अहम जानकारियां मिली है कि किसानों ने पहले पोर्टल पर बाजरे की फसल को दर्ज करवाया बाद में उसे धान में बदल दिया। टीम ऐसे किसानों का रिकॉर्ड लेने में जुटी हुई हैं।


किसान हरिओम, संतराम, हरि सिंह, सोहनलाल आदि ने कहा कि लगभग 40 वर्षो के बाद जिला पलवल में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई। हजारों की संख्या में किसानों ने इ-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी फसल का खराबा दर्ज करवाया लेकिन मंडी में रिकॉर्ड में गत वर्ष 2024 में कोई अधिक बारिश नहीं हुई जिसमें पीआर धान की फसल केवल 84515 क्विंटल की खरीद हुई। इस बार भारी बारिश के होने के बावजूद 182396 क्विंटल धान की फसल की फर्जी खरीद की गई। किसानों ने मंडी आढ़ेती व अनाज के अधिकारियों पर आरोप लगाया की मंडी में पीआर धान गत वर्ष 2024 में निजी एजेंसियों ने 34187 क्विंटल धान की खरीद कर ली। मंडी अधिकारी अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त करने ही भूल गए और उन्होंने 2025 में 34187 क्विंटल धान की खरीद निजी रिकॉर्ड में दर्ज की हुई हैं।
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मुख्यमंत्री उड़न दस्ता के डीएसपी साकिर हुसैन ने बताया कि मंडी अधिकारियों के अलावा खरीद एजेंसी के अधिकारियों को जांच में रिकॉर्ड के साथ नोटिस देकर बुलाया है। अभी ऑनलाइन के माध्यम से रिकॉर्ड लिया जा रहा है। रिकॉर्ड लेने के बाद दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई तय की जाएगी।
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