ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में स्लीप मेडिसिन डिपार्टमेंट का ट्रायल शुरू
सोते हुए बच्चों के अचानक चौंकने पर भी किया जा रहा शोध
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में खर्राटे और कम नींद का उपचार किया जाएगा। इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है। स्लीप मेडिसिन सेंटर में प्रथम चरण में दो से तीन मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसके साथ ही सोते हुए बच्चों के अचानक चौंकने पर भी शोध शुरू किया जाएगा। इससे डिप्रेशन (अवसाद) की समस्या से जूझ रहे मरीजों को भी काफी राहत मिलेगी।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से साढे छह लाख कार्ड धारक जुड़े हैं। फरीदाबाद के अलावा होडल, हथीन, पलवल, सोनीपत, पानीपत आदि जिलों से रोजाना करीब 4500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टरों ने बताया कि भागदौड़ भरी जीवनशैली में अनेक लोग अवसाद की समस्या से जूझ रहे हैं। व्यस्त जीवनशैली और नींद पूरी न होने की वजह से लोगों में तनाव हावी होता जा रहा है। तनाव की वजह से लोग डिप्रेशन की चपेट में आ रहे है। कुछ लोग थोड़े समय के लिए डिप्रेशन में रहते हैं, तो कुछ लंबे समय तक, जो कि बाद में भयानक रूप ले लेता है। जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार होता है, तो उसका जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो जाता है। ऐसे लोगों को तनाव से बचाने के लिए एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्लीप मेडिसिन सेंटर शुरू किया गया है। फिलहाल ट्रायल के आधार पर मरीजों का इलाज शुरू किया गया है। इसे जल्द सभी लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
मरीज पर रहेगी 24 घंटे नजर
स्लीप मेडिसिन सेंटर में अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए खास व्यवस्था की गई है। ईसीजी की तर्ज पर उपचार के दौरान व्यक्ति के सिर और गले की नर्व की अत्याधुनिक मशीनों से जांच की जाएगी। मरीज को 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। नींद और तनाव समेत अन्य बातों का परीक्षण किया जाएगा। जिसके आधार पर मरीज का उपचार आगे बढ़ेगा। - डाॅ. अनिल पांडे, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल