ओल्ड फरीदाबाद के अंडरपास पर सफाई कार्य के चलते एक से डेढ़ घंटे रोजाना लग रहा जाम
नीलम आरओबी का काम धीमा चलने से तीनों फ्लाईओवर पर दिनभर रेंगती हैं गाड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नीलम रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य धीमी गति से चलने के कारण वीकेंड पर भी शहर वासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। हाईवे समेत तीनाें फ्लाईओवर पर दिनभर गाड़ियां रेंगती नजर आई। सबसे अधिक समस्या ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में देखने को मिली। यहां पर नगर निगम की ओर से सफाई का कार्य चल रहा था। इसके चलते वाहन चालक देर तक जाम से जूझते रहे। अंडरपास की एक लेन चलने से दिनभर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नीलम रेलवे ओवरब्रिज को एनआईटी की लाइफलाइन कहा जाता है। वहीं, एनआईटी को स्मार्ट सिटी का सबसे बढ़ा औद्योगिक क्षेत्र माना जाता है। यहां 10 हजार से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाई चल रही हैं। इनमें ढाई लाख से अधिक आसपास कामगार काम करते हैं। इनमें से अधिकांश का दिल्ली-आगरा हाईवे से होते हुए एनआईटी में आवागमन होता है, लेकिन मौजूदा समय में नीलम पुल के नीलम-अजरौंदा वाली लेन पर धीमी गति से मरम्मत कार्य चलने की वजह से दिक्कतें बढ़ गई हैं। पुल के मरम्मत कार्य के चलते नीलम-बीके रोड, नीलम-बाटा रोड, रेलवे रोड, हाईवे के ओल्ड फरीदाबाद चौराहा, अजरौंदा चौक, बाटा चौक आदि पर दिनभर जाम लगा रहा। इससे लोगों की परेशानी काफी बढ़ गईं। कंपनी कर्मचारी दिनेश और दीपक यादव, सुदामा ने बताया कि समय से घर से निकलने के बावजूद वह जाम के चलते कंपनी पहुंचने में देर हो जाते हैं। इससे कंपनी अधिकारी उनका वेतन काट लेते हैं। इसलिए प्रशासन को जाम की समस्या का जल्द समाधान कराना चाहिए।
जाम के कारण अस्पताल पहुंचने में होती है दिक्कत
एनआईटी में दो बड़े सरकारी अस्पताल हैं। बीके और एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल। ईएसआईसी में रोजाना 4500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा कई छोटे-बड़े निजी अस्पताल भी हैं। वहां भी रोजाना हजारों की संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। अजरौंदा, ओल्ड फरीदाबाद, बाटा, रेलवे रोड पर जाम के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी होती है, देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण उन्हें डॉक्टर को दिखाने में भी दिक्कत होती है।
एंबुलेंस में मरीजों की सांसों पर रहता संकट
बीके, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में रोजाना 50 से अधिक एंबुलेंस का आवागन होता है, लेकिन नीलम पुल के मरम्मत कार्य के चलते लग रहे जाम में एंबुलेंस फंस जाती हैं। इस दौरान एंबुलेंस में मौजूद मरीजों की सांसों पर संकट रहता है। खासकर बीके अस्पताल के हार्ट सेंटर पहुंचने वाले मरीजों की चिंता और बढ़ रही है।
जाम वाले चौराहे
दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़खल, बदरपुर बार्डर, बल्लभगढ़ के अलावा शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में भी घंटों जाम लग रहे हैं। जवाहर कॉलोनी, डबुआ,एनआईटी एक नंबर मार्केट, बल्लभगढ़ मार्केट, पल्ला-सेहतपुर मार्ग आदि।
फुटपाथ पर चलती मोटरसाइकिल, कहां चले पैदल यात्री
जाम से बचने के लिए बाटा और बड़खल पुल पर बने फुटपाथ पर मोटरसाइकिल चलने से पैदल राहगीर की दिक्कतें बढ़ गई है। इससे पैदल राहगीरों के हादसे का खतरा बढ़ गया है। आये दिन लोग की मोटरसाइकिल की टक्कर से चोटिल हो रहे हैं। ऐसे में उन्होंने पुलिस से वाहन चालकों पर कार्रवाई की मांग की है।
चौक-चौहारों पर पांच पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे
शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर जाम की समस्या से निपटने के लिए हर प्रमुख चौराहों पर पांच पुलिस कर्मी और होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है। वाहन चालक अपनी लेन में चलें। फुटपाथ पर मोटरसाइकिल नहीं चलाएं। - विनोद कुमार, एसीपी, ट्रैफिक।