कुछ डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़ गए है, तो कुछ डिजिटल होने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल ट्रांजेक्शन का प्रयोग करने की बात किए जाने से लोगों को अब इसकी जरूरत महसूस होने लगी है।
छोटे व्यापारी इसके लिए पेटीएम को अपना आधार बना रहे हैं। शहर के एनआईटी में चाट पकौड़ी बेचने वाले रामदास पिछले दो दिन से अपने स्मार्टफोन में पेटीएम का प्रयोग कर रहे हैं। वह अपने ठेले पर आने वाले लोगों को पेटीएम का प्रयोग करने की सलाह दे रहे हैं।
वहीं डेयरी संचालक भी अगले सप्ताह तक पेटीएम से जुडने में लग गए है। डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं होने से सड़क पर काम करने वाले छोटे व्यापारी युवा वर्ग एवं आस पड़ोस के लोगों की मदद ले रहे हैं।
1-सबसे सुना तो किया डाउनलोड
चाट पकौडी बेचने वाले रामदास ने जब लोगों से पेटीएम के बारे में सुना तो दो दिन पहले डाउनलोड किया है। बताया कि अब पूरी तरह से सीख गया हूं। ठेले पर स्टिकर लगाना बाकी है। डिजिटल से जुडना बहुत जरूरी हो गया था।
2-इंटरनेट नहीं, पर सीखना जरूरी है
डेयरी चलाने वाले विजय बुटानी कहते है कि मैंने अब तक इंटरनेट का प्रयोग नहीं किया है। जब खुल्ले पैसों की कमी आ रही है, तो डिजिटल होना पड़ेगा। बेटे से डिजिटल ट्रांजेक्शन करना सीख लूंगा। कई तरह की समस्या से निजात मिल जाएगी। पेटीएम के बारे में काफी सुनने को मिल रहा है।
3-व्हाट्स एप चलाता हूं, पेटीएम नहीं आता
फल एवं सब्जी बेचने वाले राजजुद्दीन ने बताया कि स्मार्टफोन में व्हाट्स एप का प्रयोग करता हूं। पर पेटीएम से मेरे खाते में पैसा कैसे जाएगा। यह पता नहीं है। सीखने के बाद मैं इसे प्रयोग करूगा। पेटीएम के बारे में अखबारों से काफी सुना है। और पैसा कैसे आएगा यह जानने के बाद शुरू करूंगा।
4-डाउनलोड किया, पर आ रही दिक्कत
रेस्टोरेंट चलाने वाले हेमंत ने बताया कि पेटीएम की जानकारी मिलते ही डाउनलोड तो कर लिया है, पर कुछ दिक्कत आ रही है। लोगों को भी पेटीएम से पैसे देने के लिए कह रहा हूं। देश को डिजिटल होने से कई तरह के फायदें होगा। इसें हम सबको समझना होगा।
5-खुल्ले पैसे नहीं होंगे तो जुडना पडेगा पेटीएम से
दुकानदार अनुज भाटिया ने बताया कि अब तक पेटीएम का उपयोग नहीं किया है। खुल्ले पैसे की कमी तो आ रही है। अधिक परेशानी होने पर डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुडना पडेगा।