प्रदेश के युवाओं को अब मुख्यमंत्री मनोहरलाल से मिलने में किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि बेवसाइट के जरिए युवा समय लेकर मुख्यमंत्री से मिल सकेंगे और अपने 'मन की बात' करेंगे। इस कार्यक्रम को 'मीट टू सीएम' नाम दिया गया है।
बाकायदा इसकी एक वेबसाइट बनाई गई है। जिसपर रजिस्ट्रेशन कराकर सीएम से मिलने का समय मांगा जा सकता है। कार्यक्रम में गैर राजनीतिक युवाओं को तरजीह दी जाएगी।
दरअसल, लोकसभा चुनाव में युवा मतदाताओं में पैठ बनाने में 'चाय चौपाल' और 'चाय पर चर्चा' जैसे कार्याक्रम बेहद सफल रहे। जिसके बाद भाजपा पार्टी केंद्र व प्रदेश में काबिज हुई। इसी तर्ज पर एकबार फिर कोशिश तेज हो गई है।
हालांकि, इसबार कमान पार्टी ने नहीं, बल्कि हरियाणा आवास बोर्ड के चैयरमेन और सीएम के खासमखास जवाहर यादव ने संभाली है। प्लान के अनुसार प्रदेश के युवाओं को सीधे मुख्यमंत्री से जोडना है। बाकायदा इसके लिए वेबसाइट बनाई गई है।
इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले युवा सीधे मुख्यमंत्री से मिल सकेंगे। युवाओं के लिए इस कार्यक्रम को 'मीट टू सीएम' नाम दिया गया है। खुद सीएम रजिस्टर्ड युवाओं से उनके कॉलेजों, ऑडिटोरियम अथवा धर्मशालाओं में आयोजित कार्यक्रमों में रूबरू होंगे।
कार्यक्रम में युवा प्रदेश के विकास को लेकर अपने सुझाव सीएम को दे सकेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम प्रदेश भर के युवाओं को वाट्सअप, ट्विटर, फेसबुक सहित प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी देगी। ताकि वे इस कार्यक्रम के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकें।
दिसंबर-जनवरी से होगी शुरुआत
प्रदेश का युवा ऊर्जावान है। उसके अच्छे आइडिया को सरकार को भी लाभ उठाना चाहिए। 'मीट टू सीएम कार्यक्रम में युवा खुलकर अपने चहेते मुख्यमंत्री से मन की बात करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस कार्यक्रम के तहत युवाओं से दिसंबर-जनवरी से मिलना शुरू करेंगे।-जवाहर यादव, पूर्व ओएसडी सीएम एवं चेयरमैन हरियाणा आवास बोर्ड