161 करोड़ रुपये के बजट से सात मंजिला 200 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में मातृ-शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) यूनिट बनाने के लिए पुराने भवन को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके बाद नए भवन का निर्माण किया जाएगा। लगभग 161 करोड़ रुपये के बजट से बनने वाले भवन में सात मंजिला 200 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा।
बताते चलें कि बीके अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग करीब 75 साल पहले बनाई गई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने किया था। कई साल से यह भवन जर्जर हालत में है। इस स्थान पर नया भवन बनाने के लिए प्रशासन कई दिनों से कागजी प्रक्रिया में उलझा हुआ था। आखिरकार बृहस्पतिवार को इसको लेकर काम शुरू हो गया। जानकारों का कहना है कि अभी पुरानी बिल्डिंग को तोड़ने का काम व चिन्हित पेड़ों को काटने के लिए निशान लगा दिए गए हैं। भवन को तोड़ने के बाद आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
एमसीएच में मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं
बीके अस्पताल के एसएनसीयू में अभी तक 32 बेबी वार्मर हैं। एमसीएच में इनकी संख्या 100 से अधिक होगी। इसके अलावा अभी प्रीमैच्योर डिलीवरी वाली महिला को दिल्ली रेफर किया जाता है लेकिन एमसीएच बनने के बाद प्रीमैच्योर सहित गंभीर हालत में आने वाली गर्भवतियों को दिल्ली रेफर नहीं किया जाएगा। अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर होगा। एमसीएच में एक बेसमेंट भी बनाया जाएगा। उपचार की सभी सुविधाएं बीके अस्पताल की एमसीएच में मौजूद होंगी।
गंबूजिया मछली का होगा पालन
जानकारों का कहना है कि इस भवन में मलेरिया के मच्छर के लार्वा को खाने वाली गंबूजिया मछली का पालन किया जाएगा। यहां पर मछली पालन करने के बाद जिले के तालाब व अन्य जलाशयों में छोड़ा जाएगा ताकि मलेरिया के मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।
पार्किंग, पार्क व कैंटीन की भी होगी सुविधा
अस्पताल के नए भवन में आने वाले लोगों के वाहनों को खड़ा करने के लिए एक बड़ी पार्किंग बनाई जाएगी ताकि लोग सड़कों पर वाहन खड़ा न करें व जाम की स्थिति न बने। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में लोगों की सुविधा के लिए पार्क का निर्माण करने की भी योजना है। मरीजों व तीमारदारों की सुविधा के लिए कैंटीन भी बनाई जाएगी जहां लोगों को कम दाम में जरूरत की चीजें मिल सकेंगी।
- वर्जन
पीडब्ल्यूडी की ओर से काम किया जा रहा है, एमसीएच यूनिट के लिए टीबी विभाग से लेकर पुराने बीके अस्पताल के भवन तक जर्जर भवन को तोड़ा जाएगा। जल्द ही मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी। - डॉ. एमपी सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी