फरीदाबाद। खोरी गांव में नगर निगम की ओर से तोड़फोड़ की कार्रवाई लगभग पूरी कर ली गई है। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर कुछ मकान बचे हैं। सीमा विवाद के कारण यहां कार्रवाई नहीं हो पाई। वहीं, दूसरी ओर बृहस्पतिवार को पर्यावरण की दृष्टि से जेसीबी की सहायता से मलबा हटाने और जमीन समतल करने का काम किया गया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा है। लोगों को कब्जे खाली करने के आदेश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द लोगों ने अपने टेंट नहीं हटाए तो पुलिस बल पूर्वक हटाएगी। इसके लिए बोर्ड भी लगा दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सात जून को आदेश जारी कर नगर निगम और हरियाणा सरकार को लकड़पुर गांव की राजस्व संपदा पर पर बसे खोरी गांव में तोड़फोड़ करने के आदेश जारी किए थे। कोर्ट का आदेश है कि जंगल की जमीन को फिर से जंगल में तब्दील किया जाए। कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने 14 जुलाई को खोरी में तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू की थी। पहले दिन करीब 250 मकानों को तोड़ा गया था। इसके बाद लगातार तोड़फोड़ कार्रवाई जारी रही। करीब 24 दिन बाद निगम ने खोरी गांव में बने लगभग सभी अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए है। दिल्ली चुंगी नंबर दो के पास कुछ घर बाकी है जो कि सीमा विवाद के कारण नहीं तोड़े जा सके।
तोड़फोड़ के बाद मलबे को लेकर लोग भिड़े
नगर निगम द्वारा खोरी में की गई तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान पोपलैंड मशीन ने दो घरों को एक साथ तोड़ दिया। तोड़फोड़ करने से दो घरों के मलबे आपस में मिल गए। इससे दोनों घरों के लोगों में मलबे में दबे सामान निकालने को लेकर झगड़ा हो गया। बाद में आसपास के लोगों ने दोनों परिवार को समझा बुझा कर मामला शांत कराया।
जमीन की गई समतल
खोरी में तोड़फोड़ कार्रवाई पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को मलबा उठाने और जमीन समतल करने का कार्य किया गया। साईंधाम मंदिर से आगे निगम की टीम ने दो जेसीबी की सहायता से मकान के मलबे को हटाया, जगह को समतल किया।
मलबा बेच कर घर जाने लगे लोग
खोरी में तोड़फोड़ के बाद कई लोग अभी भी अपनी जमीन पर टेंट लगाकर कब्जा जमाए बैठे हैं। वहीं बृहस्पतिवार को कई लोग घरों के मलबे को बेचकर दूसरी जगह जाते दिखाई दिये। अमर उजाला संवाददाता ने जब इन लोग से बात करने की कोशिश की तो घर टूटने से परेशान लोगों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
पुलिस आयुक्त ओपी सिंह की रणनीतिक व अनुभव से पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण ढंग से खोरी गांव से अवैध अतिक्रमण हटाया। ओपी सिंह के मार्गदर्शन में कानून व्यवस्था की कमान डॉ. अंशु सिंगला ने बखूबी संभाली। पुलिस आयुक्त ने हौसला अफजाई किया। इस कार्य में उनकी सहायता के लिए डीसीपी सेंट्रल मुकेश मल्होत्रा, डीसीपी क्राइम, बल्लभगढ़ जयबीर सिंह व डीसीपी ट्रैफिक सुरेश कुमार ने की।