राजस्थान की दौसा कोतवाली थाना पुलिस ने नकली नोट छापने और उनकी तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ कामयाबी हासिल की है। पुलिस टीम ने रविवार दोपहर फरीदाबाद के बसंतपुर इलाके में औचक दबिश देकर कार समेत एक युवक को रंगे हाथों काबू किया है। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से संदिग्ध नकली नोटों के अलावा जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली तीन अत्याधुनिक प्रिंटिंग मशीनें (प्रिंटर) बरामद की गई हैं। राजस्थान पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ दौसा ले गई है, जहां उससे गिरोह के अन्य सदस्यों को लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा शनिवार को राजस्थान के दौसा में हुआ था। वहां कोतवाली थाना पुलिस ने मोड़ा बालाजी रोड के पास घेराबंदी करके आयुष मीणा नामक एक युवक को गिरफ्तार किया था। तलाशी लेने पर आयुष के पास से 500-500 रुपये के 80 नकली नोट (कुल 40 हजार रुपये) बरामद हुए थे। जब पुलिस ने आयुष को रिमांड पर लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि जाली नोटों और उन्हें छापने वाले उपकरणों की सप्लाई एक अर्टिगा कार के जरिए की जा रही है।
राजस्थान से फरीदाबाद तक कार का पीछा कर पुलिस ने दबोचा
पूछताछ में मिले इनपुट और कार के रूट की सटीक लोकेशन मिलते ही राजस्थान पुलिस की एक विशेष टीम ने कार का पीछा करना शुरू किया। पीछा करते हुए राजस्थान पुलिस की टीम फरीदाबाद के बसंतपुर इलाके में पहुंच गई। पुलिस ने बसंतपुर में कार को चारों तरफ से घेरकर रोक लिया और तलाशी ली। कार चला रहे युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के तारापुर गांव निवासी संतोष के रूप में हुई है। कार की गहनता से तलाशी लेने पर उसमें से तीन प्रिंटर और संदिग्ध जाली नोट बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने मौके पर ही सील कर दिया।
कई जिलों में फैली हैं गिरोह की कड़ियां
बसंतपुर में हुई इस अचानक कार्रवाई के दौरान स्थानीय फरीदाबाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। कार से प्रिंटिंग मशीनें और जाली नोट बरामद होने की खबर फैलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दौसा पुलिस की प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हो सकते हैं और नकली नोटों को खपाने का यह नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है। फिलहाल पुलिस संतोष को राजस्थान ले जाकर यह पता लगाने में जुटी है कि वे अब तक बाजार में कितने लाख के नकली नोट खपा चुके हैं और इस काले कारोबार का मुख्य सरगना कौन है।