पिछले तीन माह में तीनों साइबर थानों में इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। कुछ पीड़ित आरोपियों के बारे में पुलिस को केवल जानकारी दे रहे हैं, शिकायत देने से कतरा रहे हैं। पुलिस मामलों की जांच में जुटी है। तीनों थानों में ऐसी करीब 20 शिकायतें पिछले तीन माह में आई हैं। मामला शराब से जुड़ा होने के कारण कुछ लोग शिकायत करने के लिए आगे भी नहीं आ रहे।
ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम
साइबर थाना सेंट्रल प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश यादव ने बताया कि आरोपी लोगों को ठगने से लिए नए-नए पैंतरे अपनाते रहते हैं। जैसे ही लोग आरोपियों की ठगी के तरीके के बारे में जागरूक होते हैं तो आरोपी नया तरीका निकाल लाते हैं। इन दिनों शराब की ऑनलाइन होम डिलीवरी के नाम पर आरोपी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
आरोपी अपना मोबाइल नंबर गूगल पर डाल देते हैं। इसमें वह एक वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति ऑनलाइन शराब डिलीवरी के बारे में सर्च करता है तो आरोपियों द्वारा बनाई गई वेबसाइट खुल जाती है। इसमें महंगी शराब की बोतल के फोटो और बाजार से कम दाम लिखे होते हैं। ऑर्डर करने के लिए लोग आरोपियों के नंबर पर संपर्क करते हैं।
आरोपी ज्यादा से ज्यादा ऑर्डर करने पर डिस्काउंट की बात भी करते हैं। इसके बाद ऑनलाइन भुगतान की बात कर पैसा ऐंठ लेने के बाद नंबर उठाना बंद कर देते हैं। कई बार लोग पहले पैसा देने की बजाय कैश ऑन डिलीवरी की बात करते हैं। इस पर आरोपी कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान एडवांस में करने की बात कहकर थोड़ी रकम ऑनलाइन ले लेते हैं। इसके कुछ देर बार आरोपी सामने से फोन कर कहते हैं कि डिलीवरी बॉय किसी कारण से आज नहीं आ पाएगा, आपके पैसे रिफंड करने हैं। इसके लिए आरोपी खाते की जानकारी लेकर या लिंक भेजकर खाता खाली कर देते हैं।
कोई भी व्यक्ति ऑननाइन शराब की बिक्री नहीं कर सकता
जिला उप आबकारी एवं कराधान अधिकारी अनिल यादव ने बताया कि एक्साइज पॉलिसी के तहत कोई भी व्यक्ति ऑननाइन शराब की बिक्री नहीं कर सकता। अधिकृत ठेके से ही फुटकर में शराब बेची जा सकती है। शराब को किसी अन्य माध्यम से लोगों के घर में जाकर बिक्री करना तस्करी की श्रेणी में आता है, इसके तहत पकड़े जाने पर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया जा सकता है। सरकार ने अभी तक ऑनलाइन शराब बिक्री की कोई पॉलिसी नहीं बनाई है। लोगों को ठगों के जाल में नहीं फंसना चाहिए।