फरीदाबाद। जिले का एकमात्र साइबर थाना पहले भी विवादों में रहा है। छह माह में ही इस थाने में तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ हत्या व आत्महत्या के लिए मजबूर करने जैसे मामले दर्ज हो चुके हैं। यहां तैनात स्टाफ पर आरोपियों के साथ जानवरों जैसा सलूक करने व रिश्वत की मोटी रकम ऐंठने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। दिसंबर 2020 में गुरुग्राम की एक युवती ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। परिजनों का आरोप था कि थाने के स्टाफ ने उसे ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया था। इस मामले में गुरुग्राम के राजेंद्रा पार्क थाने में केस भी दर्ज है। थाने में लाकर थर्ड डिग्री देने के मामले में साइबर थाने में तैनात एसआई राजेश का नाम सामने आता रहा है। एनआईटी तीन चौकी में तैनाती के दौरान राजेश ने एक व्यक्ति का चालान किया था। विवाद इतना बढ़ा कि व्यक्ति की मौत हो गई। डीएलएफ क्राइम ब्रांच में तैनाती के दौरान हवलदार संदीप एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच में लेकर आया था। राजेश पर उस व्यक्ति को टॉर्चर कर मारने का आरोप है। करीब दो साल पहले साइबर सेल में तैनाती के दौरान एएसआई योगेश एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए लेकर आया था। उससे भी पूछताछ राजेश ने की और उस व्यक्ति की मौत हो गई। दिसंबर 2020 में गुरुग्राम निवासी एक साइबर अपराधी को काबू करने के लिए साइबर थाना पुलिस उसके परिजनों को थाना ले आई थी। आरोपी को काबू करने के लिए पुलिस उसके घर में रात भर रुकी। पुलिस के डर से आरोपी की बहन ने फंदा लगा लिया। इस मामले में भी एसआई राजेश पर आरोपी के जीजा व बहन को थाने में लाकर पीटने व दस लाख रूपये मांगने का आरोप लगा था।
आधा दर्जन ऑडियो व वीडियो आए सामने
जुनैद के परिवार से बातचीत करते हुए करीब आधा दर्जन ओडियो व वीडियो सामने आए हैं। जुनैद के परिजनों का दावा है कि यह आवाज साइबर थाना फरीदाबाद में तैनात पुलिस अधिकारी राजेश की है। वीडियो में जुनैद को पुलिस हिरासत में अपंग कर देने, खाने कमाने लायक नही छोड़ने व पैसों के लेनदेन की भी बात है। इसके साथ ही सिफारिश करने पर जिंदगी खराब कर देने जैसी धमकी भी सुनाई दे रही है।
पूरे मामले में पुलिस ने चुप्पी साधी
ट्विटर, फेसबुक व अन्य माध्यमों से अपनी कार्रवाई पर वाहवाही बटरोने वाली जिला पुलिस इस मामले में चुप्पी साधे बैठी है। पुलिस प्रवक्ता से लेकर पुलिस आयुक्त तक इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नही है। अमर उजाला ने एसीपी हेडक्वार्टर से पुलिस आयुक्त ओपी सिंह तक बात करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नही मिला। हालांकि एक दिन पहले फरीदाबाद पुलिस ने प्रेसनोट जारी कर जुनैद के परिवार के आरोपों को निराधार बताया था।