संगठन ने त्वरित हस्तक्षेप की मांग, बोले- एनसीईआरटी और एससीईआरटी की पुस्तकें की जाएं लागू
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत फरीदाबाद इकाई ने जिले के निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि एवं अन्य अनियमितताओं के विरोध में प्रशासन को दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे। संगठन ने इस विषय को जनहित से जुड़ा बताते हुए त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल एवं जिला अध्यक्ष अजय कुमार भाटिया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त फरीदाबाद एवं सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपे।
पहले ज्ञापन में निजी विद्यालयों द्वारा बिना किसी स्पष्ट मापदंड के प्रतिवर्ष फीस बढ़ाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई गई। संगठन ने कहा कि इससे विशेष रूप से मध्यम वर्गीय अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कई विद्यालय अभिभावकों को किताबें, वर्दी एवं अन्य सामग्री केवल निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं, जो कि एक अनुचित एवं एकाधिकारवादी प्रथा है।
दूसरे ज्ञापन में जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की गई है कि सीबीएसई और एचबीएसई से संबद्ध सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी और एससीईआरटी की पुस्तकों के उपयोग को सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही अनावश्यक एवं महंगी निजी प्रकाशकों की पुस्तकों पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही स्कूल बैग के निर्धारित वजन का पालन कराने एवं टाई-इन सेल (विशेष दुकानों से खरीद की बाध्यता) पर सख्ती से रोक लगाने की मांग भी उठाई गई।
ग्राहक पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि निजी विद्यालयों की फीस संरचना की जांच के लिए समिति गठित की जाए, वित्तीय ऑडिट कराया जाए व नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों की शिकायतों के निवारण हेतु प्रभावी तंत्र स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। ज्ञापन सौंपने के इस दौरान संगठन के सदस्य जितेन्द्र कश्यप, जेएस ढाका सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।