ओल्ड फरीदाबाद में वर्ष 2026 में अब तक रेलवे से जुड़े हादसों में 43 लोगों की हो चुकी है मौत
निधि कुशवाहा
फरीदाबाद। ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के कारण यात्रियों को सफर के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई ट्रेनों में बैठने की पर्याप्त जगह नहीं होने के चलते यात्री मजबूरी में दरवाजों पर खड़े होकर या गेट पर बैठकर यात्रा करने को मजबूर हैं। यह स्थिति सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार ओल्ड फरीदाबाद में वर्ष 2026 में जनवरी से मई माह के बीच रेलवे ट्रैक और यात्रा से जुड़े हादसों में 43 लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं वर्ष 2025 में ऐसे 176 मामले सामने आए थे, जिनमें कई लोगों की जान गई और कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। ये आंकड़े रेलवे यात्रा में सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
भीड़भाड़ के चलते कई बार यात्री दरवाजों या गेट के पास खड़े होकर यात्रा करने लगते हैं। ट्रेन के चलने के दौरान यह स्थिति जोखिम बढ़ा देती है और किसी भी समय हादसे का कारण बन सकती है। इसी तरह कुछ यात्री जल्दबाजी में फुटओवर ब्रिज की बजाय रेलवे ट्रैक पार कर लेते हैं, जो नियमों के खिलाफ और खतरनाक है।
सुबह और शाम के व्यस्त समय में ट्रेनों में भीड़ का दबाव और अधिक बढ़ जाता है, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार प्लेटफॉर्म पर भी अत्यधिक भीड़ होने के कारण धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन जाती है और यात्री असंतुलित हो जाते हैं। सामान्य डिब्बों में सीमित स्थान होने के चलते बिना आरक्षण वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है, वहीं भीड़ के कारण ट्रेन में चढ़ने और उतरने में अधिक समय लगने से यात्रा में देरी भी होती है। इसके बावजूद कई यात्री सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए दरवाजों पर खड़े होकर या गेट पर बैठकर यात्रा करते रहते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। स्टेशनों पर अनाउंसमेंट सिस्टम, चेतावनी बोर्ड और जागरूकता अभियानों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित किया जाता है। रेलवे द्वारा ट्रैक पार करने और गेट पर खड़े होकर यात्रा करने को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही कई स्थानों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
आरपीएफ अधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि रेलवे लगातार यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। भीड़ प्रबंधन के लिए प्लेटफॉर्म पर निगरानी और समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, सुरक्षित मार्गों का उपयोग करें और ट्रेन के दरवाजों पर खड़े होकर यात्रा न करें।