दर्जनभर गांवों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
गांवों में खुद कर रहे जल निकासी, प्रशासनिक मदद न मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी।
पुन्हाना। उपमंडल क्षेत्र के दर्जनभर से अधिक गांवों के किसानों को जलभराव से निजात नहीं मिल पा रही है। पिछले दिनों हुई भारी बरसात और नालों के उफान से किसानों की हजारों एकड़ खरीफ की फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में खड़ी धान, बाजरा और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासनिक स्तर पर जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही पानी निकालने का बीड़ा उठाया है। कई जगहों पर ग्रामीण सड़कों को काटकर खेतों से पानी की निकासी कर रहे हैं। पुन्हाना उपमंडल के सिरोली गांव के किसान इससे सबसे अधिक प्रभावित हैं। पुन्हाना रानियाला खुर्द झांडा, सिरोली से राजपुर कुहूकबान, सिरोली से गुलालता, गुलालता से बीसरु की सड़क काटकर पानी को निकाला जा रहा है।
वहीद, रफीक, तय्यब, जुम्मा, इसराइल, ईशा, नजर आदि किसानों का कहना है कि पिछले दो माह से लगातार हो रही बरसात के कारण खेतों में पानी भर गया। शुरू में ग्रामीणों ने उम्मीद की कि प्रशासन राहत कार्य शुरू करेगा, लेकिन जब कोई मदद नहीं मिली तो उन्होंने खुद ही जुगाड़ के साधनों से पानी निकालना शुरू कर दिया है। गांव गुलालता, सिरोली, जेवन्त, डूड़ोली, लहरवाड़ी सहित दर्जन भर गांवो मे फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। किसानों कहना है कि खेतों में करीब चार से पांच फुट तक पानी भरा हुआ है। ऐसे में खरीफ की पूरी फसल नष्ट हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल भराव की समस्या दशकों से है लेकिन इलाके के जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। हर वर्ष किसानों की सैकड़ो एकड़ फसल जलभराव के कारण खराब हो जाती है।