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मां ने तीन बेटियों के साथ खाया जहर, छह महीने पहले फंदा लगा पति ने दी थी जान

Thu, 05 May 2016 11:54 AM IST
जितेंद्र चौहान/अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

  • पति की मौत के बाद मानसिक रूप से थी परेशान
  • संतनगर कालोनी में मंगलवार रात का मामला 
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संतनगर कालोनी में मंगलवार रात को एक महिला ने अपनी तीन मासूम बेटियों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। महिला के पति ने छह माह पहले ही आत्महत्या कर ली थी।
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बताया जाता है कि पति की मौत के बाद वह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान थी। पुलिस ने चारों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस के अनुसार संतनगर कालोनी में रहने वाली अनु मूलरूप से फिरोजाबाद की रहने वाली थी।

शराब की लत के चलते करीब छह महीने पहले ड्राइवर का काम करने वाले उसके पति संजय ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। जिसके बाद वह खुद अपना घर चला रही थी। अन्नू के तीन बेटियां भी थीं।
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मंगलवार की रात को अन्नू ने छह वर्षीय कुसमलता, चार वर्षीय ज्योति और डेढ़ वर्षीय विनीता को चाऊमिन में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। फिर खुद भी खा लिया। 

ठीक से नहीं कर पा रही थी बच्चों का पालन पोषण

- फोटो : अमर उजाला
बुधवार सुबह जब बच्चियां कमरे से बाहर नहीं आई तो अन्नू के भांजे अशोक ने कमरे में जाकर देखा चारों मृत अवस्था में पड़ी थीं। सूचना मिलते ही एसीपी सेंट्रल अनिल कुमार और एसएचओ भारत भूषण घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस को दिए बयान में अनु की मां और बहन ने बताया कि आर्थिक हालात ठीक न होने की वजह से अनु बच्चों का पालन पोषण सही तरीके से नहीं कर पा रही थी।

मानसिक रूप से परेशान होने के कारण उसने यह कदम उठाया। ओल्ड फरीदाबाद स्थित संतनगर में अपने 3 बच्चों समेत खुद जहर खाकर आत्महत्या करने वाली अनु की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। 

अनु ने किया था 8 साल पहले प्रेम विवाह

- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि शादी से पहले वह अपनी एक बहन के साथ दिल्ली के रानीबाग इलाके में रहती थी। वहीं उसकी मुलाकात संतनगर निवासी संजय से हुई।

दोनों ने परिवारवालों के खिलाफ जाकर कोर्ट में शादी कर ली। शादी के बाद वह संजय के साथ संतनगर आ गई। संजय की शराब पीने की लत के कारण इनमें झगड़ा होता था।

इसी के चलते इसके पति संजय ने 6 महीने पहले दशहरे के दिन फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे वह और टूट गई थी।
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पिछले महीने ही मनाया था बेटी का जन्मदिन

- फोटो : अमर उजाला
अनु ने पति की मौत के बाद कोठियों में काम कर बच्चों को पालने लगी। महज 2 हजार रुपये की नौकरी पर उसे अपनी छोटी-छोटी तीन बेटियों को पालना भारी पड़ रहा था।

आर्थिक तंगी व मानसिक तनाव के चलते उसने चाऊमिन में जहर मिलाकर पहले अपने तीनों बच्चों को दिया, फिर खुद खाकर जीवनलीला समाप्त कर ली।
 
अनु ने अपनी बेटी ज्योति का पिछले महीने ही जन्मदिन मनाया था। इसके अलावा बड़ी बेटी हेमलता का ओल्ड फरीदाबाद स्थित एक निजी स्कूल से नाम हटा कर आत्महत्या के एक दिन पहले ही नहर पार स्थित एक निजी स्कूल में पहली कक्षा में दाखिला भी कराया था। 
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