इंस्पेक्टर अमित कुमार ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि वह घटना के वक्त कमरे में था और पूजा से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान वह कमरे से तेजी से निकली और बालकनी की ग्रिल से लटक गई। मैने उसे बचाने की कोशिश की।
उसे हाथ देकर सहारा दिया, लेकिन वह फिसल गई। चूंकि उसने जरूरत से ज्यादा ड्रिंक कर रखी थी। उधर पूजा की सहेली अमरीन खान ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि अमित के कमरे में आने के बाद कुछ देर में ही वह सोफे से उठकर दूसरे कमरे में चली गई।
कमरे की कुंडी लगाने वाली ही थी कि अमित ने उसका दरवाजा खटखटाया और कहा कि पूजा ने बालकनी से छलांग लगा ली है, जल्दी बाहर आओ।
अमित का पूजा के बालकनी से लटकने का बयान देना और घटना के दौरान अमरीन से छलांग लगाने की बात करना विरोधाभास लग रहा है।
मौत से छह महीने पहले पूजा तिवारी ने सोशल साइट पर किया था पोस्ट
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पत्रकार पूजा तिवारी ने अपनी मौत से छह महीने पहले सोशल साइट पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उसने लिखा था कि ‘एक मशविरा चाहिए-खुदकुशी कर लूं या इश्क’। उसके 31 साथियों ने इसे लाइक भी किया था और सुझाव भी दिए थे।
शायद ही किसी को पता था कि पूजा द्वारा पोस्ट की गई ये बात एक दिन सच साबित होगी। अब सोशल मीडिया पर भी उसके लिए न्याय की मांग उठने लगी है। 24 नवंबर, 2015 को पूजा ने किस मकसद और परिस्थितियों में ये पोस्ट किया था किसी को पता नहीं है, लेकिन उसके द्वारा किए गए कई पोस्ट से यह साफ लग रहा है कि वह काफी समय से बेचैन और परेशान थी।
31 दिसंबर, 2015 को भी अपने फेसबुक पर पूजा ने एक पोस्ट किया था, जिसमें उसने लिखा था कि ‘रेत से उड़ती कितनी यादें देख चुकी, अब रेगिस्तान की रेत थमने को है। कितनी सीप सी यादें मैं चुन चुकी, अब सीप का संग्रह लुप्त होने को है’। इन पोस्ट से उसकी वेदना का अंदाजा लगाया जा सकता है।