दुष्कर्म व धोखाधड़ी के मामले
में कथावाचक गिरफ्तार
फरीदाबाद। महिला का शारीरिक शोषण करने और धोखाधड़ी कर प्लॉट हड़पने के मामले में पुलिस ने आरोपी कथावाचक संत युवराज को शुक्रवार गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। संत का कहना है कि उस पर लगे दुराचार के आरोप झूठे हैं। महिला के साथ उसका प्लॉट का विवाद है, उसे सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है।
बता दें कि मथुरा निवासी कथावाचक संत युवराज पर बृहस्पतिवार को एक महिला ने तीन साल पहले अप्राकृतिक तरीके से दुष्कर्म करने और धोखाधड़ी से उसका प्लॉट अपने नाम करने का आरोप लगाया था। पीड़ित महिला का कहना था कि बुधवार शाम को भी संत युवराज कुछ लोगों के साथ उसके घर आया था और उस पर उन सबके साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था। उसने उनका विरोध किया और घर से भाग गई। महिला ने पुलिस को बताया कि वह करीब तीन साल पहले अपने पड़ोस में रहने वाली एक महिला, जोकि संत युवराज की शिष्या है, के माध्यम से उसके संपर्क में आई थी। घर से भाग कर वह महिला के घर गई तो उक्त महिला घर पर मौजूद नहीं थी। उसने महिला के दोनों बेटों को सारी बात बताई तो वह भी उसे मारने दौड़े। बृहस्पतिवार को महिला कथावाचक और अपने पड़ोस में रहने वाली महिला व उसके बेटों के खिलाफ शिकायत करने एसीपी मुजेसर राधेश्याम के कार्यालय में गई थी। वहां एसीपी के नहीं मिलने पर महिला ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया था। पुलिस ने महिला को बीके अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसकी हालत ठीक है।
शुक्रवार को अदालत में पेश किए जाने के दौरान संत युवराज ने कहा कि महिला ने उस पर दुराचार का झूठा आरोप लगाकर फंसाया है। महिला के साथ उसका प्लॉट को लेकर विवाद था। बृहस्पतिवार रात को उस मामले में भी उनकी बातचीत हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही समझौता हो जाएगा।