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टाटा स्टील के वरिष्ठ प्रबंधक को ईमेल पर मिली थी धमकी, वॉट्सएप पर भेजी थी पिस्तौल के साथ फोटो

Sat, 10 Nov 2018 05:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
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whatsapp threat - फोटो : amar ujala
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टाटा स्टील के वरिषठ प्रबंधक की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। वरिष्ठ प्रबंधक अरिंदम पाल की पत्नी मधुश्री ने बताया कि नौकरी से निकाले जाने के बाद से आरोपी विश्वास पांडे उनके पति को जान से मारने की धमकी दे रहा था। वह दो माह स्टॉक यार्ड के बाहर पहुंचा था। उसके आने के बारे में पता चलने पर अरिंदम अपनी कार वहीं छोड़ पिछले गेट से निकल गए थे। इतना ही नहीं करीब एक माह पहले विश्वास ने पिस्तौल के साथ अपनी एक फोटो अरिंदम को व्हाट्सएप पर भेजी थी।

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मेल पर भी जान से मारने की धमकी दी थी। थाना मुजेसर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच व थाने की चार टीमें बनाई गई हैं। वहीं, शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन अरिंदम के शव को लेकर कोलकाता रवाना हो गए।

मूलरूप से कोलकाता के श्रीरामपुर निवासी अरिंदम यहां सैनिक कॉलोनी में पत्नी मधुश्री और तीन साल की बेटी के साथ रहते थे। पश्चिम बंगाल बिजली निगम से बतौर चीफ इंजीनियर सेवानिवृत्त अरिंदम के पिता हेमंत कुमार पाल ने बताया कि विश्वास पांडे को नौकरी से बर्खास्त किए जाने के बाद से वह लगातार अरिंदम को जान से मारने की धमकी दे रहा था। अरिंदम ने इस बारे में अपने आला अधिकारियों को सूचित कर दिया था। इसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और इसकी कीमत उनके इकलौते बेटे को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
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बंगाल इंजीनियरिंग कॉलेज शिबपुर से एमटेक अरिंदम ने जुलाई 2010 में फरीदाबाद स्थित टाटा स्टील में बतौर मैनेजर नौकरी शुरू की थी। 2010 में ही उनकी मधुश्री से शादी हुई थी। अरिंदम के पिता ने बताया कि इस घटना में कंपनी के अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की घोर लापरवाही रही है। 

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विश्वास को कैसे पता चला गोपनीय रिपोर्ट अरिंदम ने की तैयार

शुक्रवार को कोलकाता से फरीदाबाद पहुंचे अरिंदम पाल के परिजनों ने टाटा स्टील प्रबंधन पर विश्वास पांडे के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। अरिंदम के पिता हेमंत पाल ने सवाल किया कि किसी भी संस्थान में किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई गोपनीय जांच करवाई जाती है और उसकी रिपोर्ट और जांच अधिकारी के बारे में संबंधित कर्मचारी को पता चल जाता है। इससे साफ है कि अंदर का कोई व्यक्ति विश्वास पांडे के साथ मिला हुआ है।

प्रबंधन सावधानी रखता तो टल जाता हादसा

परिजनों का आरोप है कि अरिंदम की शिकायत मिलने के बाद यदि टाटा स्टील प्रबंधन चेत जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता। अरिंदम ने पहले ही प्रबंधन को बता दिया था कि विश्वास उन्हें धमकी दे रहा है। उनका पीछा कर रहा है। अक्सर छुट्टी के समय वह कंपनी के गेट पर आकर खड़ा हो जाता है। शिकायत मिलने के बाद प्रबंधन गंभीर नहीं हुआ और उन्होंने न तो पुलिस को शिकायत की और न ही कोई और कार्रवाई की। इससे विश्वास के हौसले बुलंद हो गए और उसने शुक्रवार को यार्ड में घुसकर इस हत्याकांड को अंजाम दे डाला।

सुरक्षा कर्मियों को क्यों नहीं किया गया सतर्क

अरिंदम के पिता ने यह भी सवाल उठाया है कि जब उच्च अधिकारियों के संज्ञान में यह जानकारी थी कि विश्वास पांडे अरिंदम को धमकी दे रहा है और अक्सर कंपनी के बाहर खड़ा रहता है तो उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को सतर्क क्यों नहीं किया कि विश्वास पांडे को किसी भी हालत में कंपनी के अंदर न प्रवेश करने दे। शुक्रवार को यदि वह किसी तरह अंदर आ भी गया तो गोलियां चलाने के बाद वह भागने में कैसे कामयाब हो गया। उसे पकड़ा क्यों नहीं जा सका। कहीं न कहीं इसमें सुरक्षाकर्मियों और कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत की बू आ रही है।

अरिंदम को पहले से धमकी मिल रही थी और उसने अपने आला अधिकारियों को भी सूचित कर दिया था तो चूक कहां और किस स्तर पर हुई इसकी जांच करवाई जाएगी। यदि कंपनी प्रबंधन की इसमें मिलीभगत या लापरवाही सामने आई तो निश्चित तौर पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार, थाना मुजेसर प्रभारी
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