फरीदाबाद। शहर में हाई अलर्ट के बीच शनिवार शाम कैदी वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर कुख्यात बदमाश संदीप उर्फ काला व धन सिंह उर्फ काजू को पाली चौकी क्षेत्र से कार सवार करीब दस बदमाश छुड़ा कर ले गए।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली के कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा व राजू बसौदी गैंग ने आपस में हाथ मिला लिया है।
वारदात के बाद संदीप उर्फ काला बड़ी चतुराई से पुलिस टीम को चकमा देकर अपना रास्ता बदल लिया व अपने साथियों के साथ भाग निकलने में कामयाब रहा। इधर संदीप उर्फ काला का करीबी दोस्त नरेश उर्फ सेट्ठी ने गुरुग्राम रोड पर पुलिस व क्राइम ब्रांच का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।
एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि होडल के रहने वाले धन सिंह उर्फ काजू को संदीप उर्फ काला ने शनिवार सुबह अपने प्लान में शामिल किया था, ताकि उसकी फरारी आसानी से हो सके।
वाट्सएप कॉल से संपर्क में थे बदमाश
एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि संदीप उर्फ काला को छुड़ाने के लिए करीब दस दिन पहले एक फरवरी शनिवार का दिन चुना गया था। बदमाशों की सारी प्लानिंग व संवाद वाट्सएप पर की गई।
तय दिन के मुताबिक एक फरवरी की सुबह संदीप उर्फ काला ने अपने प्लान में धन सिंह उर्फ काजू को शामिल कर पेशी पर आने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद हरियाणा व पंजाब के लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा व राजू बसौदी गैंग के बदमाशों ने मिल कर पुलिस वैन पर शनिवार शाम को ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो बदमाश संदीप उर्फ काला व धन सिंह उर्फ काजू को छुड़ा ले गए।
इस पूरी वारदात में तीनों कुख्यात गैंग का संदीप उर्फ काला को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने का मकसद पूरा हो गया। हालांकि संदीप उर्फ काला का करीबी दोस्त नरेश उर्फ सेट्ठी पकड़ा गया। इनके पास से भारी संख्या में ऑटोमेटिक पिस्टल समेत कारतूस बरामद हुए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि बदमाश बड़े वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
नरेश ने संदीप उर्फ काला को छुड़ा कर उतारा कर्ज:
झज्जर का रहने वाला कुख्यात बदमाश नरेश उर्फ सेट्ठी दिल्ली पुलिस की अभिरक्षा से नवंबर 2019 में फरार हो गया था। इसकी खबर मिलते ही संदीप उर्फ काला ने नरेश उर्फ सेट्ठी से अपना कर्ज उतारने के लिए जेल से छुड़ाने के लिए कहा।
इसके बाद नरेश उर्फ सेट्ठी ने इस वारदात को अंजाम दिया। एसीपी ने बताया कि नरेश उर्फ सेट्ठी की बहन की हत्या उसके जीजा ने कर दी थी। इससे आहत होकर नरेश ने अपने जीजा की सुपारी संदीप उर्फ काला को दे दी थी।
जीजा की हत्या के बाद संदीप उर्फ काला व नरेश दोनों करीबी दोस्त बन गए। इसके बदले में नरेश ने संदीप उर्फ काला को पुलिस अभिरक्षा से शनिवार को छुड़ा लिया।
गुरुग्राम पुलिस की बड़ी लापरवाही:
शनिवार को फरीदाबाद कोर्ट में बंदियों को पेशी पर लाने के मामले में गुरुग्राम पुलिस की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। आम तौर पर पुलिस कैदी वाहन के साथ क्राइम ब्रांच की भी एक टीम को भेजा जाता है।
यहां गुरुग्राम पुलिस ने सिर्फ सात पुलिस कर्मियों के हाथों में कुख्यात बदमाशों की बागडोर सौंप कर बड़ी लापरवाही बरती है। इनमें से कुछ पुलिसकर्मी तो रंगरूट थे।