नशे की चेन तोड़ने के लिए पुलिस ने बनाई रणनीति, छोटे स्तर पर शुरू होगी धरपकड़
कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। शहर में नशे की चेन तोड़ने के लिए पुलिस ने नई रणनीति बनाई है। अब क्राइम ब्रांच की नजर बडे़ सप्लायरों के साथ छोटे स्तर पर नशे का सेवन करने वालों पर भी रहेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि छोटे स्तर पर लोग नशा लेना बंद करेंगे तभी बडे़ स्तर पर इसकी तस्करी को रोका जा सकता है। साथ ही युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है। हाल ही में पुलिस आयुक्त में बैठक में अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं। इसके लिए दो-दो पुलिसकर्मियों की टीम अपने- अपने निर्धारित इलाके में गश्त बढ़ाने के साथ ही युवाओं के एकत्रित होने के स्थान का चयन करेगी।
एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा नशे की चेन तोड़ने के लिए गंभीर हैं। इसके लिए पुलिस अब नई रणनीति पर काम कर रही है। अभी तक पुलिस की नजर बडे़ तस्करों पर ज्यादा रहती थी। इसका फायदा उठाकर तस्करों ने बड़ी मात्रा में नशा सप्लाई करने की बजाय छोटी- छोटी पुडि़या और कम मात्रा में लेन-देन को बढ़ावा दे दिया। कम मात्रा में नशे की तस्करी से आरोपियों काे कानूनी फायदा भी मिल जाता है। एक किलो से कम मात्रा में गांजा मिलने पर अदालत जमानत दे देती है इसलिए तस्कर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में नशे के सामान काे बाहर निकालकर बेच देते हैं। उन्होंने सभी क्राइम टीम प्रभारियों को आदेश दिए हैं कि छोटे तस्करों सहित कम से कम मात्रा रखने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। इससे आरोपियों को भले ही जमानत मिल जाए लेकिन बार-बार अदालत के चक्कर लगाने से नए-नए नशे की गिरफ्त में आए लोगों के नशा छोड़ने की उम्मीद बढ़ जाती है। दूसरा ये कि एक बार केस दर्ज होने के बाद आरोपी का नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है। इसके बाद जमानत पर बाहर आने के बाद भी तस्कर पर नजर रखना पुलिस के लिए आसान हो जाएगा। छोटे स्तर पर नशे की सप्लाई पर रोक लग जाने से बडे़ तस्करों के काम पर काफी फर्क पडे़गा।
एसीपी ने बताया कि कुछ युवा ऐसे भी हैं जो ट्यूशन के लिए घर से बाहर जाते हैं और कुछ गलत दोस्तों की संगत में आकर धीरे-धीरे नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। इसके लिए पुलिस की टीमें ट्यूशन सेंटर, मार्किट, पार्क व काॅलेजों के आसपास अपनी मौजूदगी बढ़ाएएगी। मुखबिर तंत्र को भी इन स्थानों के आसपास सर्किय किया जाएगा। पुलिस थाना स्तर पर लोगों को लगातार नशे से होने वाले नुकसान से प्रति जागरूक कर रही है।
एक केस में ज्यादा से ज्यादा लोगों को पकड़ने का लक्ष्य
एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि उन्होंने सभी क्राइम टीम प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि नशे के एक केस में ज्यादा से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस बनाया जाए। एक सिगरेट के बराबर गांजा लेने वाले से लेकर मुख्य तस्कर तक की चेन में जो भी शामिल है उसे गिरफ्तार किया जाए। मोटे मुनाफे के लालच में महिलाएं भी नशे की तस्करी में काफी सर्किय हो गई हैं। इसके लिए महिला पुलिस टीम को तैयार किया जा रहा है। सबसे ज्यादा नशा मेवात, पलवल, कोसी, ओडिशा व दिल्ली के कुछ इलाकों से सप्लाई किया जा रहा है। पुलिस की टीमें मुख्य स्त्रोत को ढूंढने में लगी हुई हैं। कूरियर के माध्यम से नशा तस्करी के कुछ मामले सामने आए थे इसके बाद पुलिस टीमों ने सभी कूरियर कंपनी संचालकों की मीटिंग लेकर उन्हें सचेत रहने को कहा है। हाल ही में पुलिस ने कूरियर के माध्यम से बिहार भेजी जा रही शराब की कई पेटियों को बरामद किया है। संवाद