बिना लाइसेंस के वाहन चलाना नियमों का उल्लंघन
भारती दुबे
फरीदाबाद। शहर में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस लगातार अभियान चला रही है, लेकिन इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रहे। स्थिति यह है कि कई लोग नए वाहन तो खरीद लेते हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए लाइसेंस बनवाने की जरूरत को गंभीरता से नहीं लेते। इस वर्ष अब तक बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर करीब 18 हजार से अधिक चालान किए जा चुके हैं।
बिना लाइसेंस वाहन चलाने के मामलों में हर साल बढ़ोतरी देखी जा रही है। यातायात पुलिस के अनुसार, इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिनके पास लर्निंग लाइसेंस तक मौजूद नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता अभियान चलाने, स्कूल-कॉलेजों में पहुंचकर नियमों की जानकारी देने और जगह-जगह जागरूकता पोस्टर लगाने के बावजूद लोग नियमों को हल्के में ले रहे हैं।
बिना लाइसेंस वाहन चलाना कानून का उल्लंघन
पुलिस के मुताबिक, बिना लाइसेंस वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क पर सभी की सुरक्षा के लिए खतरा भी है। कई हादसों का कारण ऐसे चालक बनते हैं, जिन्हें न तो सड़क नियमों की पूरी जानकारी होती है और न ही वाहन संचालित करने का उचित प्रशिक्षण। इसके बावजूद लोग सुविधा और जल्दबाजी के चलते बिना लाइसेंस सड़क पर उतर जाते हैं।
आने वाले दिनों में अभियान को और सख्ती से किया जाएगा लागू
यातायात पुलिस ने बताया कि शहर में हर दिन विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान मुख्य चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दस्तावेजों की जांच की जाती है। जिन लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता, उनका मौके पर चालान काटा जाता है। कई मामलों में वाहन को सीज भी किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और सख्ती से लागू किया जाएगा।
वाहन खरीदने के बाद लाइसेंस बनवाना भी जरूरी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वाहन खरीदने के बाद लाइसेंस बनवाना उतना ही जरूरी है, जितना वाहन चलाते समय हेलमेट या सीट बेल्ट लगाना जरूरी है। नियमों का पालन करने से न केवल व्यक्ति खुद सुरक्षित रहता है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना लर्निंग या स्थायी लाइसेंस बनवाएं और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनें। सड़क पर बढ़ती भीड़ और हादसों के चलते पुलिस की सख्ती आगे भी जारी रहेगी। यदि लोग नियमों का पालन करेंगे तो न केवल चालान से बचेंगे, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।