सेंट्रल थाने में 13 सितंबर 2025 को दर्ज हुई थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ट्रेफिक चालान के फर्जीवाड़े में जिला अदालत में कार्यरत क्लर्क को जिला अदालत से राहत नहीं मिली। क्लर्क रामकिशन के अधिवक्ता की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि इसे केस में गलत फंसाया गया है। एफआईआर में लगे आरोपों से इसका कोई लेना-देना नहीं है। ये अदालत परिसर में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। ट्रेफिक चालान एडिट करने का कोई कंट्रोल इसके पास नहीं था। ये जांच में शामिल होने के लिए तैयार है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी पर गंभीर आरोप हैं। इसने सह-आरोपी विरेंद्र व शुभम के साथ मिलकर ट्रेफिक चालान को टेंपर किया। चालान में कम जुर्माने वाली धाराएं लगाकर उनका निपटान कराया। आरोपी ने अपने बैंक खाते से सह-आरोपी शुभम के बैंक खाते में 158500 रुपये की पेमेंट की है। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले में सेंट्रल थाने में 13 सितंबर 2025 को एफआईआर दर्ज हुई थी।