दिशा की बैठक में मंत्री ने नगर निगम अधिकारियों और इंजीनियरों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने नगर निगम अधिकारियों और इंजीनियरों की कार्यप्रणाली पर जमकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और जनता की सुविधाओं से खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अनियमितताएं नहीं रुकीं तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो हथकड़ी तक लगवानी पड़ेगी। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा, विधायक धनेश अदलखा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
बैठक में विकास कार्यों की गुणवत्ता, पेयजल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था, सड़क निर्माण, अतिक्रमण और शहर के सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने नगर निगम, जिला परिषद, एफएमडीए, एचएसवीपी सहित सभी विभागों को निर्देश दिए कि विकास कार्य तय समय सीमा में और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की बर्बादी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगी।
रास्ते बंद करने पर लगाई फटकार
बैठक में आगरा नहर किनारे सड़क निर्माण के दौरान रास्ते बंद किए जाने का मामला भी उठा। इस पर मंत्री ने यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर लोगों की आवाजाही बाधित करना गलत है। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण ऐसा हो जिससे दोनों ओर रहने वाले लोगों का संपर्क बना रहे और किसी भी हालत में रास्ते पूरी तरह बंद न किए जाएं।
हाईवे और एक्सप्रेसवे से हटेगा अतिक्रमण
शहर में बढ़ते अतिक्रमण पर चिंता जताते हुए मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और शहर के मुख्य मार्गों पर विशेष अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि खाली कराई गई जमीन पर दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए वहां ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए। इसके अलावा मंत्री ने शहर की प्रमुख बाजारों में अव्यवस्था और ट्रैफिक जाम को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कब्जे हटाने के साथ-साथ बाजारों में सौंदर्यीकरण कार्य भी कराए जाएं ताकि आमजन को राहत मिल सके।
अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान रेनीवेल परियोजना से लिए गए अवैध जल कनेक्शनों का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने एफएमडीए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्विस स्टेशन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा लिए गए अवैध कनेक्शन तत्काल हटाए जाएं और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। बैठक में टूटे और खराब सीवर मैनहोल ढक्कनों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मंत्री ने निगम अधिकारियों को सभी खराब ढक्कन तत्काल बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटिया सामग्री इस्तेमाल करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर कार्रवाई की जाए।
नगर निगम को लूट का अड्डा बना दिया
बैठक के दौरान कृष्ण पाल गुर्जर ने निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम को लूट का अड्डा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि इंटरलॉकिंग टाइल, सीवर ढक्कनों और सड़कों में घटिया सामग्री इस्तेमाल की जा रही है, जिसके कारण सड़कें कुछ ही महीनों में टूट रही हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने भी अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह जनता का पैसा है और इसकी बर्बादी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से नई सड़कें तोड़ी जा रही हैं और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है।
दलालों का अड्डा बन चुका है निगम : धनेश अदलखा
बड़खल विधायक धनेश अदलखा ने निगम को दलालों का अड्डा बताते हुए आरोप लगाया कि कमीशनखोरी के कारण विकास कार्यों की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। उन्होंने कहा कि पहले बनी सड़कें वर्षों तक चलती थीं, लेकिन अब कुछ महीनों में ही टूट जाती हैं।
बारिश से पहले जलभराव रोकने के निर्देश
मानसून को देखते हुए मंत्री ने सभी विभागों को नालों, ड्रेनेज लाइनों और मुख्य मार्गों की समय रहते सफाई करने के निर्देश दिए ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति पैदा न हो।
सड़कों की गुणवत्ता जांच कराने की घोषणा
मंत्री ने कहा कि नगर निगम, जिला परिषद और मार्केट कमेटियों द्वारा बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्यों में अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मोदी के जन्मदिवस पर स्कूटी वितरण की तैयारी
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी और संबंधित अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों की पहचान, पंजीकरण और वितरण व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।