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Faridabad News: निगम की गमला योजना फेल, समिति ने की कार्रवाई की सिफारिश

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जांच में खुलासा, अनुबंध के तहत पौधों का रखरखाव नहीं किया गया
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राहुल राज

फरीदाबाद। शहर के सौंदर्यीकरण और हरियाली बढ़ाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर शुरू की गई नगर निगम की जाइंट आरसीसी गमला योजना जांच में फेल साबित हुई है। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने पाया कि अधिकांश गमलों में पौधे सूख चुके हैं। वहीं कई गमले क्षतिग्रस्त हैं और अनुबंध के तहत पौधों का रखरखाव नहीं किया गया है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति के निर्देश पर एसडीएम हनी बंसल, एचएसवीपी के अधीक्षण अभियंता संदीप दहिया और जिला उद्यान अधिकारी डॉ. अजय कुमार की समिति ने गमलों और पौधरोपण की जांच की। समिति ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। समिति की रिपोर्ट में दर्ज किया गया कि लंबे समय से गमलों में लगे पौधों की नियमित देखभाल नहीं की गई। अधिकांश पौधे सूखकर नष्ट हो चुके थे, जबकि कई गमलों में केवल सूखी मिट्टी दिखाई दी। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि गमलों की मिट्टी की नियमित गुड़ाई नहीं हुई, जिससे उसकी ऊपरी सतह कठोर हो गई। कई स्थानों पर सिंचाई के अभाव में पौधे सूख चुके हैं। जांच में सामने आया कि गमलों में मिट्टी बंजर हो चुकी है और कई गमले क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं।
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क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत लगाए गए थे पौधे

गौरतलब है कि 15वें वित्त आयोग और नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत नगर निगम ने शहर के विभिन्न मार्गों, चौराहों और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े क्षेत्रों में 1650 विशाल आरसीसी गमले लगाने की योजना तैयार की थी। योजना के तहत गमलों में पौधरोपण करके और 1.5 साल तक व्यापक रखरखाव के लिए मैसर्स नव्या एंटरप्राइजेज को 65.71 लाख रुपये का कार्यादेश जारी किया था। योजना का उद्देश्य शहर के वातावरण को बेहतर बनाना और सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता बढ़ाना था।
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21.32 लाख रुपये से अधिक का भुगतान एजेंसी को जारी किया गया
रिपोर्ट में यह तथ्य भी दर्ज है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में कई आरसीसी गमले टूटे और क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले। इसके बावजूद 798 गमलों के एवज में 21.32 लाख रुपये से अधिक का भुगतान एजेंसी को जारी किया गया। जांच रिपोर्ट में मौके पर मिली वास्तविक स्थिति और अनुबंध में निर्धारित रखरखाव की शर्तों के बीच स्पष्ट अंतर दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में पौधों के सूखने और रखरखाव के अभाव को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है। जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
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