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Faridabad News: घटिया सड़कों पर निगम की कार्रवाई, आठ इंजीनियरों को नोटिस, कई दोबारा बनेंगी

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दिशा बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री ने शहर में बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर जताई थी नाराजगी
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24 घंटे में जवाब तलब किया


अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहीं सड़कों की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बाद नगर निगम अब सख्त कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रहा है। दिशा समिति की बैठक में सड़क निर्माण में लापरवाही का मुद्दा जोरदार तरीके से उठने के बाद निगम प्रशासन ने पहली बार सीधे जिम्मेदार इंजीनियरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खराब निर्माण सामग्री और तय मानकों की अनदेखी के आरोपों में चार एसडीओ और चार जेई को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब तलब किया गया है। इस कार्रवाई से निगम के इंजीनियरिंग विंग में हड़कंप मच गया है।

दरअसल हाल ही में हुई दिशा बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने शहर में बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों के सामने कुछ नई और पुरानी सड़कों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया था कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कें कुछ ही दिनों में क्यों टूट रही हैं। इसके बाद नगर निगम ने कई निर्माण कार्यों की जांच शुरू कराई।
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जांच में सबसे गंभीर खामियां बड़खल क्षेत्र में मॉल ऑफ फरीदाबाद के सामने बनी आरएमसी सड़क में मिलीं। निरीक्षण के दौरान सड़क की सतह, फिनिशिंग और निर्माण गुणवत्ता तय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यहां हादसों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा सेक्टर-45 और वार्ड नंबर-8 में भी सड़क निर्माण में तकनीकी कमियां सामने आई हैं।

वहीं एनएचपीसी चौक से दिल्ली-मुंबई-वड़ोदरा लिंक रोड तक बनाई गई सड़क की गुणवत्ता भी जांच में सवालों के घेरे में आ गई। निरीक्षण के बाद इस सड़क को दोबारा तोड़कर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। निगम सूत्रों के अनुसार निर्माण में बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। अब संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर सड़क दोबारा बनानी होगी और उस पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।

नगर निगम के चीफ इंजीनियर विवेक गिल ने बताया कि निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि अब सड़क निर्माण कार्यों की सैंपलिंग प्रक्रिया को और कड़ा किया जाएगा। समय-समय पर निर्माण सामग्री के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी ताकि शुरुआती स्तर पर ही खामियां पकड़ी जा सकें और जनता को खराब सड़कों की समस्या से राहत मिल सके।
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जनता में बढ़ रहा था असंतोष

शहर के कई इलाकों में नई सड़कें बनने के कुछ ही समय बाद उखड़ने लगी थीं जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। बरसात से पहले सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवालों ने निगम की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। अब निगम की यह कार्रवाई आने वाले समय में ठेकेदारों और इंजीनियरिंग अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
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