फरीदाबाद। मानसून की पहली बारिश से जहां शहरवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं, जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर पॉश सेक्टरों व कॉलोनियों में चारों तरफ पानी भर गया था। इससे नगर निगम के जलभराव से निपटने के लिए किए गए दावों की पोल खुल गई।
शहर में पानी निकासी व्यवस्था खराब होने से पूरा शहर तालाब बन गया। सड़कों पर पानी अधिक होने के कारण लोगों की गाड़ियां खराब हो गई। अंडरपास में पानी भरने से कई सेक्टर राजमार्ग से कट गए। गाड़ियां डूब गई, उन्हें मुश्किल से निकाला गया। चौक-चौराहों पर जलभराव होने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश से पहले नगर निगम, एचएसवीपी, एफएमडीए और स्मार्ट सिटी ने जलभराव से निपटने के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे। नगर निगम की ओर से जेसीबी से नालों की सफाई कराई गई। स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा एनआईटी पांच सहित अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के पानी निकासी के लिए ड्रेनेज लाइन बिछाने का काम जारी है। धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के बावजूद अधिकारियों का दावा था कि बारिश में सड़कों पर जलभराव नहीं होगा। अंडरपासों में पानी नहीं भरे इसके लिए गुरुग्राम से बड़े-बड़े पाइप मंगा कर डाले गए। लाखों रुपये खर्च करके उच्च क्षमता की मोटर लगाई गई। बूस्टर स्टेशन बनाए गए। जिला प्रशासन द्वारा उच्च अधिकारियों की बारिश से निपटने के लिए टीम बनाई गई। दावा था कि बारिश होने पर कुछ ही देर में अंडरपास का पानी निकल जाएगा लेकिन बृहस्पतिवार हुई कुछ घंटे की बारिश में निगम के दावे धुल गए।
सुबह बूंदाबांदी के साथ कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटा चौक, अजरौंद चौक, सेक्टर-7-8 चौक और बल्लगढ़ चौक पर हुए जलभराव से ट्रैफिक जाम की समस्या बन गई। सबसे ज्यादा खराब हालत अजरौंदा चौक, बाटा चौक, डबुआ कॉलोनी और पर्वतिया कॉलोनी 60 फुट रोड और सेक्टर-22, 23 और सेक्टर-15ए में देखने को मिली। सड़कों पर जगह-जगह पानी भरने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी हुई।
सड़कों पर घुटनों तक पानी
शहर में साफ सफाई का जिम्मा नगर निगम के पास है। शहर के नाले, सीवर लाइनों की सफाई का काम नियमित रूप से नगर निगम को करना होता है। बारिश से पहले नगर निगम अधिकारियों ने नालों की सफाई कराई थी। निगमायुक्त का दावा किया था कि सड़कों पर यदि पानी भरा तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी। बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया। क्षेत्र में पानी निकासी की उचित इंतजाम नहीं होने के कारण डबुआ कॉलोनी और सेक्टर-15 क्राउन प्लाजा के पीछे सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया।
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ऑटो चालकों ने किया किनारा
राष्ट्रीय राजमार्ग समेत डबुआ 60 फुट रोड और एनआईटी क्षेत्र में जलभराव का ऑटो चालकों ने भी खूब फायदा उठाया। यात्रियों से मनमाना किराया वसूला। कम से कम 20 रुपये किराये की जगह 40 से 50 रुपये प्रति सवारी वसूले गए। यही स्थिति बल्लभगढ़ में देखने को मिली।
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इन सड़कों की हालत खराब
बारिश से सेक्टर-7-8, 9-10, 10-11 की डिवाइडिंग सड़क, सेक्टर-16 के विश्राम गृह वाली सड़क, सेक्टर-11 व 12 की सड़क, सेक्टर, छह, सात, आठ, नौ, 15, 16, 17, 18, 19, 22, 23, 31व 37 की मुख्य सड़कें, बीके-हार्डवेयर चौक, एयरफोर्स रोड, रेलवे रोड, गुड ईयर चौक सेक्टर-3 से तिगांव रोड, सौ फुटा रोड और बल्लभगढ़ बस अड्डे इत्यादि।
बारिश ज्यादा होने की वजह से सड़कों पर पानी जलभराव हो गया है। पानी निकासी के प्रबंध किए जा रहे हैं। सभी डिस्पोजल चालू है। अंडरपास से पानी निकासी के लिए दो-दो मोटरों के अलावा पंप सेट लगाए गए है। कुछ समय बाद पानी निकाल दिया गया। अधीक्षण अभियंता सहित निगम की टीमें सभी इलाकों में तैनात हैं।
- रामजी लाल, मुख्य अभियंता, नगर निगम