मेयर प्रवीण जोशी बैठक से पहले कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की तैयारी में
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम सदन की अहम बैठक 11 अगस्त को आयोजित होगी। इसको लेकर निगम मुख्यालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्षद, मेयर और निगम के वरिष्ठ अधिकारी बैठक को सफल बनाने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे हैं। मेयर प्रवीण जोशी भी बैठक से पहले कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में लंबे समय से लंबित फाइनेंस कमेटी के गठन की औपचारिक घोषणा हो जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक अभी तक पार्षदों को बैठक का एजेंडा आधिकारिक रूप से नहीं भेजा गया है, लेकिन नगर निगम के गलियारों में चर्चा है कि फाइनेंस कमेटी के गठन का मुद्दा सबसे प्रमुख रहेगा। मार्च में नगर निगम के चुनाव संपन्न हुए थे और नए पार्षदों ने उम्मीद जताई थी कि अब उनके वार्डों में विकास कार्य तेज गति से होंगे। लेकिन चुनाव के चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई वार्डों में बड़े काम शुरू नहीं हो पाए हैं। इसकी बड़ी वजह फाइनेंस कमेटी का न बनना बताया जा रहा है।
नियम के अनुसार होते हैं पांच सदस्य
नियमों के अनुसार फाइनेंस कमेटी में कुल पांच सदस्य होते हैं जिनमें मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और दो पार्षद शामिल होते हैं। यह कमेटी 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाले विकास कार्यों की फाइलों को मंजूरी देने का अधिकार रखती है। जबकि 50 लाख रुपये तक की लागत वाले कार्यों की फाइल निगम आयुक्त के स्तर पर पास हो सकती है। ऐसे में जिन विकास योजनाओं का बजट 50 लाख से अधिक है, वे कमेटी के गठन का इंतजार कर रही हैं।
बड़े निर्माण कार्यों में आएगी तेजी
पार्षदों का कहना है कि कई जरूरी काम जैसे सड़क निर्माण, सीवर लाइन बिछाना, पार्कों का नवीनीकरण, स्ट्रीट लाइट लगाना और जल निकासी व्यवस्था सुधारना बड़े बजट की श्रेणी में आते हैं। बिना फाइनेंस कमेटी की मंजूरी के ये काम आगे नहीं बढ़ सकते। यही कारण है कि कमेटी में जगह पाने के लिए पार्षदों में गहमागहमी तेज है।
सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पद के लिए आजमा रहे जोर
जानकारी के मुताबिक कुछ पार्षद सीनियर डिप्टी मेयर के पद के लिए सक्रिय लॉबिंग कर रहे हैं, तो कुछ डिप्टी मेयर की कुर्सी पाने के लिए जोर लगा रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो केवल कमेटी के सदस्य बनकर भी अपने वार्ड के विकास कार्यों के लिए प्रभावी भूमिका निभाना चाहते हैं। मीटिंग से पहले कई पार्षद अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हैं। इसके लिए वे मेयर और अन्य प्रभावशाली नेताओं से संपर्क साध रहे हैं, ताकि कमेटी में उनकी जगह पक्की हो सके।
लंबित विकास कार्यों को मिलेगी गति
नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि कमेटी के गठन के बाद लंबित विकास कार्यों को गति मिलेगी और पार्षदों के वार्डों में योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा। वहीं, आम नागरिक भी इस उम्मीद में हैं कि फाइनेंस कमेटी बनते ही उनके क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट तेजी से शुरू होंगे।
कई अहम प्रस्ताव हो सकते हैं पेश
11 अगस्त को होने वाली सदन की बैठक में और भी कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना है, लेकिन फाइनेंस कमेटी का गठन इस बार का सबसे चर्चित मुद्दा माना जा रहा है। सभी की निगाहें अब इस बैठक पर टिकी हैं, जो नगर निगम के विकास कार्यों की दिशा और रफ्तार तय करेगी।