अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सूरजकुंड क्षेत्र की दयालबाग कॉलोनी में अवैध रूप से विकसित की गई स्टिल्ट पार्किंग के खिलाफ नगर निगम ने शुक्रवार को सख्त कार्रवाई की। निगम की टीम ने प्लॉट नंबर बी-12 और 25 में बनाई गई अवैध पार्किंग को ध्वस्त कर दिया। साथ ही संबंधित बिल्डरों और संचालकों को दोबारा निर्माण न करने की चेतावनी देते हुए कहा गया कि नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय निवासियों के अनुसार कुछ बिल्डरों ने भवन निर्माण के दौरान पार्किंग के लिए छोड़ी गई जगह को अवैध तरीके से विकसित कर बेच दिया था। बाद में इन स्थानों का इस्तेमाल निजी पार्किंग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए होने लगा। लोगों का कहना है कि इससे इलाके में ट्रैफिक अव्यवस्था बढ़ने के साथ सुरक्षा संबंधी दिक्कतें भी सामने आ रही थीं। कई इमारतों में पार्किंग क्षेत्र में अतिरिक्त निर्माण कर नियमों की अनदेखी किए जाने की भी शिकायतें मिल रही थीं।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि स्टिल्ट पार्किंग का उपयोग केवल वाहनों की पार्किंग के लिए किया जा सकता है। इसे बेचने या किसी अन्य गतिविधि के लिए इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ है। दयालबाग कॉलोनी से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम की टीम ने मौके का निरीक्षण किया था। जांच में प्लॉट नंबर बी-12 और 25 में अवैध रूप से पार्किंग संचालित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए।
शुक्रवार सुबह निगम का तोड़फोड़ दस्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। कार्रवाई शुरू होने से पहले पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को हटवाया गया। टीम को देखकर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत गतिविधियों को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दयालबाग कॉलोनी में स्टिल्ट पार्किंग के दुरुपयोग और अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। जांच में प्लॉट नंबर बी-12 और 25 में नियमों के विपरीत गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण हटाया। स्टिल्ट पार्किंग केवल वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित होती है, लेकिन कुछ लोगों ने इसका अन्य उपयोग शुरू कर दिया था। भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
— सुरेंद्र हुड्डा, एसडीओ, नगर निगम