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Faridabad News: मुजेसर अंडरपास का रास्ता साफ करने उतरा प्रशासन

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मुजेसर में की गई तोड़ फोड़ फोटो संवाद
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एक धार्मिक स्थल समेत 70 से अधिक अवैध निर्माण किए ध्वस्त
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वर्षों से लटकी परियोजना को गति देने के लिए एचएसवीपी की बड़ी कार्रवाई

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के सबसे व्यस्त और खतरनाक रेलवे फाटकों में शामिल मुजेसर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित अंडरपास निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक धार्मिक स्थल के साथ 70 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और कई लोगों ने विरोध भी जताया लेकिन पुलिस ने स्थिति संभालते हुए अभियान जारी रखा।

मुजेसर रेलवे फाटक लंबे समय से शहर की ट्रैफिक समस्या का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां रोजाना हजारों वाहन और करीब 50 हजार लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। फाटक बंद होने पर दोनों तरफ लंबा जाम लग जाता है जिससे सेक्टर-23, सेक्टर-24, संजय कॉलोनी, बाटा चौक, सेक्टर-52 और आसपास के इलाकों के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। अंडरपास नहीं होने के कारण लोगों को बाटा रेलवे ओवरब्रिज या सोहना रोड रेलवे ओवरब्रिज से लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ता है।
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दो साल पहले मिली थी मंजूरी

मुजेसर रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने की योजना कई वर्षों से फाइलों में अटकी हुई थी। करीब दो वर्ष पहले इस परियोजना को सरकार से मंजूरी मिली थी लेकिन प्रशासनिक देरी और जमीन से जुड़े मामलों के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया। अब हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआरडीसी) ने निजी भू-मालिकों से जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके बावजूद एचएसवीपी की जमीन पर बने अवैध कब्जे निर्माण कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए थे। एचएसआरडीसी की ओर से हाल ही में एचएसवीपी अधिकारियों को पत्र लिखकर कब्जे हटाने की मांग की गई थी। इसी के बाद शुक्रवार को संयुक्त कार्रवाई की गई।

सुबह बुलडोजर पहुंचते ही मचा हड़कंप

सुबह जैसे ही एचएसवीपी की टीम जेसीबी मशीनों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सड़क किनारे बने अवैध मकान, दुकानों और अस्थायी ढांचों को हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही लोग अपने सामान को बचाने में जुट गए। कई महिलाओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध भी किया और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और कार्रवाई जारी रखी। अधिकारियों के अनुसार पहले भी यहां अतिक्रमण हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन कुछ हिस्सों में कब्जे दोबारा कर लिए गए थे।

अंडरपास बनने से हजारों लोगों को मिलेगी राहत

अधिकारियों का कहना है कि कब्जे हटने के बाद अब अंडरपास निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। यह परियोजना पूरी होने पर न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि रेलवे फाटक पार करने के दौरान होने वाले हादसों का खतरा भी घटेगा। स्थानीय लोगों को रोजाना लगने वाले जाम और लंबा चक्कर लगाने की परेशानी से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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एचएसवीपी के एसडीओ राजपाल ने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग के पास एचएसवीपी की जमीन पर अवैध कब्जे किए गए थे। यह जमीन अंडरपास निर्माण के लिए एचएसआरडीसी को सौंपी जानी है। इसी कारण शुक्रवार को तोड़फोड़ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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