फरीदाबाद। जिले में ठंड और प्रदूषण के साथ तेजी से बढ़ रहे कोरोना का असर अभी लंबे समय तक रहने की उम्मीद है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण के 514 नए मामलों की पुष्टि की है। 302 लोग संक्रमण को मात देने में कामयाब हुए हैं। बीते 24 घंटों में दो संक्रमितों की मौत हुई है। अस्पतालों में खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मंगलवार को सेक्टर-46 में रहने वाली 63 वर्षीय महिला और सेक्टर-22 में रहने वाले 76 वर्षीय संक्रमित की मौत हो गई है। अब तक 266 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। जिले में 29188 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 26649 लोग ठीक हुए हैं। कोरोना से ठीक होने वाले की दर 91.3 फीसदी बनी हुई है। कोरोना के मामले अब 88 दिनों में दोगुने हो रहे हैं।
उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि जिले में अब तक 2273 सक्रिय मामले हैं। इनमें से 406 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 1867 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। 57 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें से 12 मरीजों को वेंटिलेटर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 2520 सैंपल लिए हैं। इनमें से 550 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। प्रति एक लाख की आबादी में 14925 सैंपल लिए जा रहे हैं। अभी तक 268660 सैंपल लिए जा चुके हैं।
अस्पतालों में 30 प्रतिशत बढ़ी मरीजों की संख्या
एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रवीन मलिक ने बताया कि एक महीने में ओपीडी में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। कुछ दिनों से हवा प्रदूषित कणों की संख्या बढ़ गई है। वहीं, कोरोना के मामले लगातार बढ़ गए हैं। हवा प्रदूषित होने से फेफड़ों में सूजन पैदा होती हैं। दूषित कण बलगम की मात्रा को बढ़ा देते हैं, जिसको पहले से अस्थमा है उनको ब्रोंकोस्कोप व सांस का अटैक कर देते हैं। ऐसे मरीज जिन्हें पहले से ब्रोंकोस्कोप या सांस की बीमारी है। खासकर कोविड मरीजों के लिए यह बेहद नुकसानदायक होता है। इससे बचने के लिए मास्क लगाकर घर से बाहर निकलना चाहिए।