फरीदाबाद। कोरोना की दूसरी लहर लगभग अगले सप्ताह तक पूरी तरह काबू में होगी। जिला प्रशासन ने सजगता के साथ कई सबक लेते हुए यहां तक का सफर तय किया है। हालांकि चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है, संभावित तीसरी लहर की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। टीकाकरण पर पूरा जोर दिया जा रहा है। इसमें लोगों का सहयोग अपेक्षित है। बुधवार को डिजिटल पत्रकार वार्ता में जिला उपायुक्त ने प्रशासनिक चुनौतियों और तैयारियों को लेकर बात की। इस दौरान उन्होंने कई अहम जानकारियां साझा कीं। उपायुक्त यशपाल यादव ने बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर में 29 अप्रैल को सबसे ज्यादा 2900 मामले सामने आए थे। जबकि 9 मई से मामले कम होने शुरू हो गए थे। मौजूदा समय में जिला में कोविड-19 के 732 सक्रिय मामले हैं। इनमें 22 संक्रमित वेंटिलेटर पर हैं। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत लोगों को झेलनी पड़ी। भविष्य में ऐसा नहीं हो इसके लिए तीन ऑक्सीजन प्लांट ईएसआई मेडिकल कॉलेज (400 लीटर प्रति मिनट), बीके सिविल अस्पताल (200 लीटर प्रति मिनट) और एशियन अस्पताल (50 लीटर प्रति मिनट) में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा चुके हैं। वहीं, सात अन्य ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी है।
उपायुक्त ने बताया कि अब तक 5.46 लाख लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं, संक्रमितों की समय पर पहचान के लिए जिले में दो आरटीपीसीआर लैब शुरू होे चुकी हैं। इसमें एक पूर्व में ईएसआईसी में शुरू हुई थी। अब हाल ही में बीके सिविल अस्पताल में प्रतिदिन पांच सौ जांच की क्षमता वाली लैब भी शुरू हो चुकी है।
तैयारियां ऐसी कि तीसरी लहर प्रकोप नहीं बनें : उपायुक्त
जिला उपायुक्त ने बताया कि तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए तैयारियां जोरों पर हैं। सिविल अस्पताल में टाटा कंपनी द्वारा 100 बेड का अतिरिक्त अस्पताल बनाया जा रहा है। अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज (एबीवी) छांयसा में 200 बेड से संख्या बढ़ाकर 500 बेड की जाएगी। ईएसआई अस्पताल में 500 बेड की व्यवस्था है। अमृता अस्पताल का कार्य भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि एससीएल हेल्थकेयर, एचएसवीपी के सेक्टर-16 सनफ्लैग अस्पताल को भी जल्द शुरू करवाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-12 व 31 में खेल स्टेडियमों में भी जरूरत पड़ने पर 500 बेड की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के इलाज की सुविधाएं बढ़ाने पर काम चल रहा है।
ब्लैक फंगस से जिले में हुई 8 मौतें
जिला उपायुक्त ने बताया कि जिले में ब्लैक फंगस से पीड़ित 8 लोगोें की मौत हो चुकी है। अब तक 42 मामलों की पुष्टि हुई है। जबकि 7 मामले संदिग्ध बने हुए हैं। अब तक 28 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। मृतकों में चार स्थानीय और चार अन्य जिलों के रहे। जिले की 82 फीसदी शहरी आबादी का जिक्र करते हुए उपायुक्त ने बताया कि यहां ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का प्रकोप नहीं फैला है। अब तक हुए सर्वे में इसकी पुष्टि हुई है। वहीं, ब्लैक फंगस के मामलों में एम्फोटोरिसिन इंजेक्शन की आपूर्ति के लिए मेडिकल संस्थान की ओर से की जाने वाली दस्तावेज खामियों के कारण मरीज को दवा मिलने में परेशानी न हो, इसकी व्यवस्था की जाएगी।
महामारी एक्ट के तहत 6 अस्पतालों की हुई जांच
जिला उपायुक्त ने बताया कि अब तक छह अस्पतालों के खिलाफ कोरोना नियमों के विपरीत बिल चार्ज करने व अन्य मामलों में जांच बिठाई गई है। इसमें से एक अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। हाल ही में जांच पूरी हुई है। अन्य पांच की लंबित जांच भी जल्द पूरी कर ली जाएगी।