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ठेकेदारों की हड़ताल, 1700 ट्यूबवेलों की पेयजल आपूर्ति ठप

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फरीदाबाद। करीब एक साल से नगर निगम के पास ठेकेदारों का 15 करोड़ रुपये बकाया है। पैसों का भुगतान न होने से परेशान ट्यूबवेल ठेकेदार शनिवार से हड़ताल पर चले गए है। हड़ताल के दौरान ठेकेदारों ने 1700 ट्यूबवेलों की पेयजल आपूर्ति ठप कर दी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनके बकाया भुगतान नहीं होगा, वह काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल से सैनिक कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी, राजीव कॉलोनी आदि इलाकों में पेयजल संकट शुरू हो गया है।
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शहर में 1700 ट्यूबवेल के संचालन और मरम्मत का कार्य 10 ठेकेदार देखते हैं। अब वह ट्यूबवेलों की मरम्मत का कार्य नहीं कर रहे हैं। इन सभी ठेकेदारों का आरोप है कि वह पिछले करीब एक साल से बिना भुगतान के कार्य कर रहे हैं। करीब 15 करोड़ रुपये नगर निगम के पास बकाया है, जिसे नहीं दिया जा रहा है, जबकि उन्हें जीएसटी हर माह पहले देनी पड़ती है। इसलिए अब ठेकेदार अपनी जेब से और पैसा नहीं लगा सकते हैं। ठेकेदारों की हड़ताल का असर पानी सप्लाई पर पड़ना शुरू हो गया है। यदि इस बीच कोई ट्यूबवेल खराब हो जाए तो नगर निगम के पास उचित स्टाफ नहीं है कि वह ट्यूबवेल को ठीक करवा ले।
शहर में हर साल गर्मियों के मौसम में पानी की सप्लाई की मांग बढ़ जाती है। शहर में रोजाना 300 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन नगर निगम मात्र 240 एमएलडी की सप्लाई कर पा रहा है। बाकी के 60 एमएलडी के पानी की सप्लाई टैंकरों से हो रही है। इस 240 एमएलडी पानी में ट्यूबवेल का 80 एमएलडी पानी भी है। शहर में इस वक्त 1700 ट्यूबवेल सभी 40 वार्डों में लगे हैं। जिनसे पानी की सप्लाई होती है। ये ट्यूबवेल कई-कई घंटे लगातार चलते हैं, जिससे इनमें फॉल्ट आ जाता है। ट्यूबवेल की समस्या दूर करने के लिए दो साल पहले सभी 40 वार्डों में ठेकेदारों की नियुक्ति की गई थी। इसके अलावा जो मौजूदा ट्यूबवेल चल रहे हैं, उनकी मरम्मत और संचालन का भी कार्य भी करेगे। 10 ठेकेदारों ने ये कार्य बखूबी किया, लेकिन अब पैसे का भुगतान न होने के कारण हड़ताल कर दी है।
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ट्यूबवेल ठेकेदार एसोसिएशन के प्रधान महेश ने बताया कि वह पिछले एक साल से ट्यूबवेल को ठीक करने का कार्य कर रहे हैं, जिससे कि लोगों के घरों तक पानी पर्याप्त मात्रा में पहुंचता रहे। सभी 10 ठेकेदारों के अंतर्गत दर्जनों कर्मचारी व इलेक्ट्रिशियन कार्य करते हैं। उन्हें वेतन देना होता है, लेकिन वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं है। इस संबंध में नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदारों की बकाया राशि का जल्द भुगतान कर दिया जाएगा।
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