60 प्रतिशत कार्य पूरा, आगामी छह महीने में बनकर हो जाएगा तैयार, 15 से अधिक गांवों को होगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। पियाला रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस आरओबी का निर्माण सितंबर 2024 में शुरू हुआ था और इसे आगामी छह महीने में पूरा कर दिया जाएगा। पुल बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को लंबे जाम और रेलवे फाटक पर इंतजार की समस्या से राहत मिलेगी।
पियाला और असावटी क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हजारों श्रमिकों और कर्मचारियों को वर्तमान में रेलवे फाटक बंद होने के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। सागरपुर, डीग, प्रह्लादपुर माजरा डीग, फतेहपुर बिल्लोच, लाधौली, काकरीपुर, मंडकौल, जावा, अटेरना, मोहना, सदरपुर, सुनपेड़ और शाहपुर कलां समेत 15 से अधिक गांवों के लोगों को आरओबी बनने के बाद सीधा लाभ मिलेगा।
गांव असावटी निवासी नीरज ने बताया रेलवे फाटक पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों का काफी समय बर्बाद होता है। उन्होंने कहा कि आरओबी बनने के बाद न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। यह मार्ग भविष्य में जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
वहीं राजेश के अनुसार यूपी और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। आरओबी बनने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा किसानों को खेतों तक पहुंचने में भी सुविधा होगी। वहीं स्कूल बसों का समय बचेगा और बच्चों को भी जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान कुछ असुविधा जरूर हो रही है, लेकिन पुल बनने के बाद यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों का सफर अधिक सुरक्षित बनेगा।
क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आरओबी का निर्माण पूरा होने पर वर्षों पुरानी जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा और सोहना से मोहना तक का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
गर्डर रखने का काम जल्द होगा शुरू
रेलवे निर्माण विभाग ने पुल निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए खंभों के ऊपर कैप (शीर्ष) बनाने का काम शुरू कर दिया है। कुछ पिलर के ऊपर कैप लग दी गई है कुछ के ऊपर बाकी है। जिसके बाद गर्डर रखने का कार्य किया जाएगा। गर्डरों का निर्माण फैक्ट्री में हो रहा है। जैसे जैसे गर्डर तैयार होते जा रहे हैं उनको निर्माण स्थल पर पहुंचाया जा चुका है। जल्द ही उनको रखने का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
परियोजना निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रही है और विभाग का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक पुल निर्माण कार्य को पूरा करना है। - अब्बास, इंजीनियर