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Faridabad News: सड़क पर फैली निर्माण सामग्री, जलाया जा रहा कूड़ा

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ग्रैप-3 की पाबंदियों की नहीं हो रही पालना, वायु गुणवत्ता सूचकांक 296 रहा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनसीआर भर में बृहस्पतिवार से ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू हो गईं हैं लेकिन अभी भी बहुत से लोग इसकी पालना नहीं कर रहे हैं। जिला प्रशासन के आदेशों के बावजूद सड़कों पर यहां-वहां निर्माण सामग्री और कूड़ा, मिट्टी के ढेर फैले हैं। हालांकि, शुक्रवार को भोर में अन्य दिनों की अपेक्षा स्मॉग का असर कम रहा लेकिन शहर का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी के नजदीक करीब 296 पहुंच गया। ऐसे में बाहर निकले लोगों को सांस लेने में हल्की दिक्कत महसूस हुई। फरीदाबाद में 20 अक्तूबर को ग्रैप-2 की पाबंदियां लगने के बाद जिला प्रशासन की ओर से सख्ती की गई थी। कुछ दिनों तक सख्ती के बाद दोबारा से कुछ लोगों ने इसकी पालना छोड़ दी। अब ग्रैप-3 लागू होने के बाद भी शहरवासियों में नियमों की पालना का असर नहीं दिखाई दिया। शहर के कुछ स्थानों पर जाकर ग्रैप-3 की पालना पर अमर उजाला की टीम से सीनियर रिपोर्टर संदीप वर्मा और फोटो जर्नलिस्ट जोगेंद्र शर्मा की एक रिपोर्ट।

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ओल्ड फरीदाबाद में सड़क पर फैली निर्माण सामग्री
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से सेक्टर-17 की ओर ओल्ड फरीदाबाद पर सड़क पर निर्माण सामग्री फैली हुई थी। यहां पर वाहनों के साथ निर्माण सामग्री हवा में फैल रही थी। इस दौरान सड़क पर आने जाने वालों को धूल और रेत के गुबार से परेशानी हो रही थी। इसके अलावा एनआईटी-5 और गांधी कालोनी रोड पर भी सड़क पर निर्माण सामग्री लोगों के लिए प्रदूषण का कारण बनती रही।
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सेक्टर-20बी में जलाया जा रहा कूड़ा
अमर उजाला की टीम दोपहर में सेक्टर-20 बी पहुंची। यहां पर एक प्लॉट में घास, पत्तियों का कूड़ा जमाकर जलाया जा रहा था। ऐसे में यहां से निकलने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। आस-पास से निकल रहे लोगों ने कूड़ा जलाने पर एतराज किया तो कूड़ा जलाने वाले उल्टा विरोध करने लगे। कूड़ा जलाने वाले का कहना था कि कई दिनों से कूड़ा न उठने से यह भी हवा के साथ उड़कर प्रदूषण का कारण बनता है।
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सेक्टर-65 में टूटी सड़क पर उड़ रही धूल
दिल्ली-मुंंबई एक्सप्रेस-वे के लिंक रोड, कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे और ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे को कनेक्ट करने के लिए सेक्टर-65 में इंटरचेंज बन रहा है। यहां तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रैप-3 लागू होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में यहां रोड पर फैली मिट्टी और निर्माण सामग्री हवा में प्रदूषण का गुबार बना रही हैं। यहां से निकलने वाले वाहन चालकों को जबरदस्त प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है।
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एनआईटी, सेक्टर-16ए और बल्लभगढ़ बने प्रदूषण के हॉट प्वाइंट
शहर में शुक्रवार को एनआईटी और सेक्टर-16ए सहित बल्लभगढ़ प्रदूषण के हॉट प्वाइंट दर्ज किए गए। एनआईटी में सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 321 दर्ज किया गया। यहां पर पीएम-2.5 कणों का स्तर खराब श्रेणी में 410 दर्ज किया गया। इसके अलावा पीएम-10 का स्तर 500 दर्ज किया गया। इसके अलावा सेक्टर-16ए में वायु गुणवत्ता सूचकांक 311 दर्ज किया गया। यहां पर पीएम-2.5 कणों का स्तर खराब श्रेणी में 372 दर्ज किया गया। इसके अलावा बल्लभगढ़ में भी हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 304 दर्ज की गई। यहां पर पीएम-2.5 का स्तर 356 और पीएम -10 का स्तर 360 दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिक देर तक प्रदूषण के असर से लोगों को फेफड़ों की बीमारी होने की संभावना है।
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एनआईटी में ओजोन का स्तर
यहां पर कार्बन मोनो ऑक्साइड 133 दर्ज किया गया। यहां सबसे अधिक ओजोन गैस का स्तर 236 दर्ज किया गया। बल्लभगढ़ में कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर 120 दर्ज किया गया। सेक्टर-16ए में कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर 127 दर्ज किया गया। यहां पर सल्फर डाई ऑक्साइड गैस का स्तर भी 106 दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे प्रदूषण में स्वस्थ्य लोगों को अधिक देर तक रहने पर सांस की बीमारी होने का अंदेशा जताया गया है। वहीं, सेक्टर-11 स्थित प्रदूषण मापन केंद्र में सल्फर डाई ऑक्साइड गैस का स्तर भी 128 दर्ज किया गया।
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ग्रैप-3 की पाबंदियों को कड़ाई से पालना कराई जा रही है। निगमायुक्त के निर्देश पर कूड़ा जलाने, निर्माण सामग्री सड़क पर रखने, तंदूर जलाने आदि के चालान प्रतिदिन किए जा रहे हैं। सख्ती के बावजूद जो लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन्हें कड़ाई से निपटा जाएगा और चालान किए जाएंगे।
बिशन सिंह, नोडल अधिकारी चालान नगर निगम
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