फरीदाबाद। केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय की ओर से फर्जी कागजों पर चल रही कंपनियों व फर्मों के खिलाफ अभियान शुरू किया जा चुका है। विभाग की आठ टीमें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में उतारी गई हैं। टीमें ऐसी कंपनियों और फर्मों पर नजर रखेंगी, जो बिना माल बेचे कागजों पर बिल काट रहे हैं और सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ ले रहे हैं।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में छोटी-बड़ी करीब एक लाख फर्म केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (सीजीएसटी) और जीएसटी में पंजीकृत हैं। एनआईटी-4 नंबर स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (सीजीएसटी) आयुक्तालय ने पिछले साल 41 फर्जी कंपनियों का खुलासा किया था। इन कंपनियों द्वारा बिना सामान खरीद-फरोख्त के ही फर्जी बिलों के आधार पर सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने की कोशिश की गई। इनके दस्तावेज की जांच में पाया गया कि इन्होंने केवल कागजी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का आईजीएसटी रिफंड पाने के लिए बिना कोई वास्तविक कारोबार किए फर्जीवाड़ा किया था। इसके अलावा इन निर्यातकों के जीएसटी पोर्टल पर घोषित व्यापार के पते भी फर्जी पाए गए थे। इनमें कुछ निर्यातक ऐसे भी शामिल थे, जिन्होंने अन्य व्यक्तियों के दस्तावेज पर कंपनियां खोली हुई थीं।
कंपनी खोलने के साथ ही इनका कारोबार शुरुआती महीनों में ही करोड़ों रुपये का पहुंच गया था। आयुक्तालय की जांच में फर्जी पाए जाने पर कंपनियों के जीएसटी पोर्टल एवं कस्टम कार्यालयों में अलग-अलग बैंक खातों को तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया। इसके अलावा पिछले दिनों सेक्टर-21 में एक सिगरेट कारोबारी करीब 2900 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े में पकड़ा गया। हाल ही में नेहरू ग्राउंड स्थित एक सीए को साढ़े 12 करोड़ के सीजीएसटी घोटाले में जीएसटी टीम ने गिरफ्तार किया। लगातार सामने आ रहे फर्जी मामलों के बाद विभाग काफी सख्त हो गया। इसके बाद सीजीएसटी आयुक्तालय की ओर से जांच अभियान की शुरुआत की गई।
फर्जी कागजों पर फर्म और कंपनियां चलाने वालों के खिलाफ सीजीएसटी आयुक्तालय काफी सख्त है। विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसी कंपनियों की जांच कर रही हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
- प्रणेश पाठक, आयुक्त, केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय