फरीदाबाद में एक महीने में 25 हजार की स्क्रीनिंग, 1000 मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित टीबी स्क्रीनिंग अभियान से फरीदाबाद में बड़ी संख्या में छिपे हुए टीबी मरीजों की पहचान हो रही है। पिछले एक महीने के दौरान जिले में करीब 25 हजार लोगों की एआई तकनीक के जरिये स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग में संदिग्ध पाए गए लोगों की बाद में बलगम जांच कराई गई, जिसमें करीब 1000 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। समय रहते मरीजों की पहचान होने से उनका इलाज भी तुरंत शुरू कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने यह अभियान केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रखा। गांवों, शहरी कॉलोनियों और हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर लोगों की जांच की गई। अभियान का उद्देश्य ऐसे मरीजों को ढूंढना है, जिन्हें लंबे समय से टीबी के लक्षण होने के बावजूद बीमारी का पता नहीं चल पाया था। एआई आधारित एक्सरे स्क्रीनिंग से संदिग्ध मरीजों की पहचान तेजी से हो रही है, जिससे जांच और उपचार की प्रक्रिया भी तेज हुई है।
फरीदाबाद ही नहीं, पूरे हरियाणा में भी एआई आधारित टीबी स्क्रीनिंग अभियान प्रभावी साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्यभर में अब तक करीब 25,666 टीबी मरीजों की पहचान इस तकनीक के माध्यम से की जा चुकी है। विभाग का मानना है कि एआई तकनीक से शुरुआती चरण में बीमारी का पता लगने से संक्रमण की शृंखला तोड़ने और मरीजों का समय पर इलाज शुरू करने में बड़ी मदद मिल रही है।
जिला टीबी अधिकारी डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन घटना, भूख कम लगना या रात में अधिक पसीना आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लोगों को तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच, दवाएं और पूरा इलाज पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक मरीजों की समय पर पहचान कर फरीदाबाद और हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने के अभियान को गति देना है।