फरीदाबाद में 10 से 14 घंटे तक बिजली गुल रहने से बढ़ा आक्रोश, रोज हो रहे प्रदर्शन
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भीषण गर्मी और रिकॉर्ड बिजली की मांग के बावजूद पूरे हरियाणा में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति का दावा किया है। उनका कहना है कि सरकार ने पर्याप्त बिजली खरीद, मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क और आधुनिक लोड मैनेजमेंट के जरिये आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखा है। लेकिन राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक जिले फरीदाबाद की तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। यहां पिछले 20 दिनों के दौरान घरेलू इलाकों में बार-बार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज के कारण लोग कई बार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादन पर असर पड़ रहा है और उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है।
शहर के डबुआ चौक, इस्माइलपुर, सुभाष चौक, चाचा चौक और सेक्टर-86 की एडोर हैप्पी होम सोसाइटी समेत कई क्षेत्रों में लोगों ने बिजली और पानी की समस्या को लेकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस्माइलपुर में लगातार चार दिन तक बिजली कटौती से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया था। प्रदर्शन के दौरान बिजली निगम के जूनियर इंजीनियर और महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। डबुआ चौक पर लोगों ने विधायक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि सुभाष चौक पर देर रात तक लोग सड़क पर डटे रहे। सेक्टर-86 में 700 से अधिक परिवारों ने बिजली-पानी संकट को लेकर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बिजली संकट का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। औद्योगिक क्षेत्रों में भी बार-बार बिजली बाधित होने और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कई औद्योगिक इकाइयों को जनरेटर के सहारे काम चलाना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है और समय पर ऑर्डर पूरे करना चुनौती बनता जा रहा है। उद्योग संगठनों का कहना है कि फरीदाबाद जैसे औद्योगिक जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उधर, ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि 18 जुलाई को हरियाणा में 3,135.42 लाख यूनिट बिजली की रिकॉर्ड खपत दर्ज की गई। इसमें यूएचबीवीएन क्षेत्र में 1,371.72 लाख यूनिट तथा डीएचबीवीएन क्षेत्र में 1,763.70 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई। उनके अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में यूएचबीवीएन क्षेत्र में 25.85 प्रतिशत और डीएचबीवीएन क्षेत्र में 37.56 प्रतिशत बिजली मांग बढ़ी है। मंत्री का दावा है कि बढ़ती मांग के बावजूद सरकार सभी वर्गों को संतुलित और निर्बाध बिजली उपलब्ध करा रही है।
हालांकि जिले में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन और उद्योगों की बढ़ती शिकायतें सरकार के इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। घरेलू उपभोक्ताओं का कहना है कि कई इलाकों में 10 से 14 घंटे तक बिजली गुल रहने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जबकि उद्यमियों का मानना है कि बिजली संकट का सीधा असर जिले की औद्योगिक गतिविधियों और उत्पादन क्षमता पर पड़ रहा है।
फरीदाबाद औद्योगिक शहर है। बार-बार बिजली जाने और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उद्योगों को समय पर ऑर्डर पूरे करने में दिक्कत आती है। सरकार को औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।-अमरजीत, उद्यमी, मुजेसर औद्योगिक क्षेत्र
बिजली कटौती का सीधा असर उत्पादन लागत और मशीनों पर पड़ता है। कई इकाइयों को जनरेटर चलाने पड़ते हैं, जिससे खर्च बढ़ जाता है। उद्योगों के लिए स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है।-पवन मोर, उद्यमी, सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र
पिछले कई दिनों से बार-बार बिजली कट रही है। रात में कई-कई घंटे बिजली नहीं रहती, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं हो सका है।-राजेश कुमार, डबुआ कॉलोनी
लगातार बिजली कटौती के कारण घर का कामकाज और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गर्मी में बिना बिजली के रहना मुश्किल हो गया है। जब सुनवाई नहीं हुई तो लोगों ने मजबूर होकर सड़क जाम किया।-सीमा देवी, इस्माइलपुर