- सितंबर का वेतन नहीं मिलने पर चालकों का विरोध, भुगतान होने तक बसों को डिपो से बाहर नहीं निकालने का ऐलान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद की सिटी बस सेवा बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। पिछले नौ दिनों से सीएनजी की कमी के कारण बसों का संचालन पूरी तरह ठप है। अब उच्च अधिकारियों ने सभी सिटी बसों को गुरुग्राम डिपो भेजने के आदेश दिए हैं। इस फैसले के बाद बल्लभगढ़ डिपो में तैनात करीब 150 चालकों ने विरोध जताया है। कर्मचारियों का कहना है कि सितंबर महीने का वेतन खातों में आने तक वे किसी भी बस को डिपो से बाहर नहीं जाने देंगे।
सीएनजी भुगतान नहीं होने से थमे पहिये :
बल्लभगढ़ बस डिपो से सात रूटों पर 35 सिटी बसों का संचालन किया जाता है। सीएनजी का भुगतान नहीं होने के कारण पिछले नौ दिनों से बसें सड़कों पर नहीं उतर रही हैं। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इसी बीच अधिकारियों ने सभी बसों को गुरुग्राम डिपो भेजकर वहां से संचालन करने का निर्णय लिया है।
इसकी जानकारी मिलते ही चालकों ने विरोध शुरू कर दिया। बुधवार शाम को कर्मचारियों ने बसों को गुरुग्राम जाने से रोक दिया। बृहस्पतिवार को बारिश के कारण भी बसों को नहीं भेजा जा सका। मामले को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। ऑपरेशन मैनेजर प्रवीण ने बृहस्पतिवार को डिपो पहुंचकर चालकों से बातचीत करने की बात कही थी, लेकिन बारिश के चलते वह नहीं पहुंच सके।
वेतन मिलने के बाद ही देंगे बसें :
कर्मचारियों को उच्च अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि बृहस्पतिवार देर रात या शुक्रवार सुबह तक सितंबर महीने का वेतन उनके खातों में पहुंच जाएगा। चालकों का कहना है कि भुगतान मिलने के बाद ही वे बसों को गुरुग्राम भेजने देंगे।
सिटी बस इंचार्ज मनीष त्यागी ने बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण चालक फिलहाल बसों को गुरुग्राम ले जाने के लिए तैयार नहीं हैं। वेतन मिलने के बाद बसों को गुरुग्राम डिपो भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यात्रियों को ऑटो और रोडवेज का सहारा : वर्ष 2019 में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की ओर से शुरू की गई सिटी बस सेवा शहर और गांवों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने का प्रमुख माध्यम बनी थी। चांदपुर, अरुआ, दूधौला और बदरपुर बॉर्डर समेत कई रूटों पर बसें चलती थीं।
सेवा बंद होने से यात्रियों को अब ऑटो और हरियाणा रोडवेज की बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। रोडवेज बसों के निर्धारित समय और सीमित फेरों के कारण लोगों को इंतजार करना पड़ता है। वहीं, ऑटो से सफर करना महंगा पड़ रहा है।