प्रदूषण कम करने व सड़कों को साफ करने के लिए बनाया जाएगा सिटी एक्शन प्लान
मंगलवार को हुए निरीक्षण में गंदी मिली थी फरीदाबाद की सड़कें
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण, जल संकट और बुनियादी ढांचे को लेकर गुरुवार को एक अहम अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री के शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एफएमडीए, नगर निगम और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौजूदा और प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में शहर की जल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए 150 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए रैनी वेल क्लस्टर बनाने की योजना पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी मंजूरियां पूरी होने के बाद एक माह के भीतर टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। इस परियोजना से विशेषकर एनआईटी क्षेत्र के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के निर्देशों पर विशेष जोर दिया गया। डी.एस. ढेसी ने नगर निगम को आदेश दिए कि सड़क स्वीपिंग मशीनों के जरिए शहर की प्रमुख सड़कों पर निरंतर और व्यवस्थित सफाई योजना लागू की जाए ताकि धूल से होने वाले प्रदूषण पर काबू पाया जा सके।
सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर भी सख्ती देखने को मिली। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली करीब 300 इकाइयों को नोटिस जारी किए गए, जबकि कोयले पर चलने वाली इकाइयों को मौके पर ही बंद करने के आदेश दिए गए।
इसके अलावा, मिर्ज़ापुर एसटीपी, ग्रीन बेल्ट के लिए माइक्रो एसटीपी, अमृत सरोवर योजना, मास्टर सीवर नेटवर्क के एफएमडीए को हस्तांतरण और म्हारी सड़क ऐप के जरिए सड़क मरम्मत की शिकायतों के समाधान पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 15 फरवरी तक सभी प्रमुख सड़कों की मरम्मत अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।