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Faridabad News: शिक्षकों की गैर-शिक्षण कार्यों में ड्यूटी से प्रभावित होगी बच्चों की पढ़ाई

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। गर्मी की छुट्टियों के बाद बुधवार से स्कूल दोबारा खुलने जा रहे हैं। बच्चों का स्वागत करने के लिए स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं। अधिकतम शिक्षकों की ड्यूटी अब भी विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यों में लगी हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होगी।

जिला प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के प्रधान चतर सिंह ने बताया कि शिक्षकों की कमी का असर शहरी क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों पर पड़ेगा। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में तो फिर भी स्थिति थोड़ी बेहतर है और कुछ शिक्षक उपलब्ध हैं, लेकिन शहरी इलाकों के विद्यालयों के हालात बेहद चिंताजनक हैं।
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उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के कई स्कूलों में 800 से 900 बच्चों का नामांकन है, लेकिन ड्यूटी के चलते वहां महज 2 से 4 शिक्षक ही स्कूल में मौजूद रह पाएंगे। इतने कम शिक्षकों के भरोसे इतने बड़े पैमाने पर बच्चों को संभालना और उन्हें पढ़ाना नामुमकिन है। उन्होंने बताया कि शुरुआती 4-6 दिन तो ठीक हैं, क्योंकि बच्चे कम आते हैं, पर आगे परेशानी अधिक बढ़ सकती है। बता दें कि अभी कम से कम 14 जुलाई तक आधिकारिक रूप से शिक्षकों का एसआईआर में होना तय है। इसके अलावा बाद में तारीख बढ़ाई भी जा सकती है।
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शिक्षकों का कहना है कि एक तरफ सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों को गैर-शिक्षण कार्यों में झोंक दिया जाता है। छुट्टियां खत्म होने के बाद बच्चे नए उत्साह के साथ स्कूल लौट रहे हैं, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों का न होना उनके भविष्य और पढ़ाई दोनों के साथ खिलवाड़ है। टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि विद्यार्थियों के हित को देखते हुए शिक्षकों को तुरंत प्रभाव से इन कार्यों से मुक्त कर मूल शिक्षण कार्य में वापस भेजा जाए। जिले के 379 स्कूलों के हजारों शिक्षक एसआईआर में लगे हुए हैं।
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