बल्लभगढ़। निजी स्कूलों ने बच्चों को कोरोना जांच रिपोर्ट जरूरी कर दिया है। इसलिए सोमवार को सिविल अस्पताल में परिजन बच्चे भी लाइन में खड़े नजर आए। वहीं, परिजनों का कहना था कि अस्पताल में कोरोना जांच के सुबह आठ बजे से लाइन में खड़े हो गए थे। कई घंटे बाद बारी आई।
प्रदेश सरकार ने 16 जुलाई से स्कूलों को खोलने की आदेश जारी किया है। इसके लिए सरकारी और निजी स्कूलों ने तैयारियां की जा रही है। वहीं, कोरोना की तीसरी लहर को मद्देनजर निजी स्कूल संचालकों ने बच्चों को कोरोना जांच रिपोर्ट साथ जाने पर ही प्रवेश देने को कहा है। उधर, सोमवार को सिविल अस्पताल में बच्चों की कोरोना जांच के लंबी लाइन लगी हुई थी। वह सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हुए दिखाई दिए। इसके अलावा बच्चों के परिजनों का कहना था कि स्कूलों की ओर उनके पास कोरोना जांच के लिए लगातार मैसेज और फोन आ रहे हैं। इसलिए वह सोमवार को अपने बच्चों की जांच के अस्पताल में पहुंचे लेकिन सेंटर पर लोगों की भीड़ लगी हुई थी। घंटों धूप में खड़े होकर उनके बच्चों की जांच हो सकी।
वर्जन-
एक निजी स्कूल में पढ़ता हूं। स्कूल की ओर से मैसेज कर जांच रिपोर्ट साथ लाने पर प्रवेश देने की बात कही गई है। इसलिए पापा के साथ आठ बजे अस्पताल में लाइन में लगकर खड़ा हूं। कई घंटे बाद जांच हो सकी। - मोहित
स्कूल वालों ने कोरोना जांच कराने को कहा है। साथ ही निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही स्कूल में एंट्री मिलने की बात कही है। इसलिए जांच करा रहे हैं। - प्रवेश